राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बेंगलुरु की एक आईटी कंपनी में चल रहे डेकेयर सेंटर में बच्चों के साथ हुए गलत व्यवहार के मामले में सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने कर्नाटक सरकार और राज्य के डीजीपी को नोटिस जारी किया है। नोटिस में मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए कहा गया है कि आयोग को छोटे बच्चों के साथ किए गए बेहद खराब व्यवहार के वीडियो मिले हैं।

मीडिया में आई खबरों का मानवाधिकार आयोग की ओर से स्वतंत्र संज्ञान लिया गया है। आयोग ने कहा है कि अगर इस बारे में आई खबरें सच हैं तो यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।

आयोग की ओर से कर्नाटक के मुख्य सचिव और डीजीपी से कहा गया है कि वे 2 हफ्ते के भीतर इस मामले में पूरी जांच रिपोर्ट दें। आयोग की ओर से कहा गया है कि इस डे-केयर सेंटर को एहतियातन बंद कर दिया गया है।

क्या है यह पूरा मामला?

बेंगलुरु के ब्रुकफील्ड में आईटी कंपनी कैपजेमिनी टेक्नोलॉजी सर्विसेस इंडिया लिमिटेड के अंदर चल रहे डेकेयर सेंटर का यह मामला है। इस मामले में पांच आया के खिलाफ छोटे बच्चों के साथ शारीरिक दुर्व्यवहार करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, बच्चों की देखभाल के लिए रखी गई आया छोटे बच्चों को वॉशिंग मशीन के अंदर डालते, टॉयलेट जेट स्प्रे से उनके मुंह में पानी डालते, उन्हें चुप कराने के लिए शौचालय में बंद करते, कमोड पर बैठने के लिए मजबूर करते और रोने पर चुप रहने की धमकी देते नजर आ रही हैं। पुलिस ने इस मामले में डेकेयर सेंटर की दो आया को गिरफ्तार किया है।

इस मामले के सामने आने के बाद बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने कहा था कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा था कि पुलिस इस बात की जांच करेगी कि बेंगलुरु के बाकी डेकेयर सेंटर में नियमों और कानून का पालन हो रहा है या नहीं?

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बेंगलुरु में कैपजेमिनी कैंपस के अंदर चल रहे डेकेयर में बच्चों के साथ बुरे बर्ताव की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि इसके बारे में पहले दी गई शिकायतों को नजरअंदाज किया गया था और जिस कर्मचारी ने यह शिकायत की थी उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।