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एनएचएम का हेल्थ बुलेटिन जारी, मध्य प्रदेश का चाइल्ड सेक्स रेशियो 929, भोपाल में होते हैं सबसे ज्यादा अबॉर्शन

नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने एक हेल्थ बुलेटिन जारी किया है जिसमें बताया गया है कि अप्रैल से सितंबर 2018 के बीच भोपाल में कुल 23,398 बच्चों ने जन्म लिया।

सेक्स रेशियो के लिए प्रतीकात्मक फोटो, फोटो सोर्स- सोशल मीडिया

नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने एक हेल्थ बुलेटिन जारी किया है जिसमें बताया गया है कि अप्रैल से सितंबर 2018 के बीच भोपाल में कुल 23,398 बच्चों ने जन्म लिया। जन्म लेने वाले बच्चों में 12,446 लड़के हैं जबकि 10,952 बेटियां हैं। इस दौरान लड़कों की तुलना में एक हजार 494 बेटियां कम हैं।

भोपाल में प्रति हजार लड़कों पर 120 बेटियां हैं कम
रिपोर्ट के मुताबिक भोपाल जिले में बेटियों का जन्म लगातार कम हो रहा है। 2016 में जन्म लेने वाले एक हजार बच्चों में जहां 923 बेटियां होती थीं, वहीं अब ये संख्या कम होकर 880 रह गई है। यानी आंकड़ों के मुताबिक यहां प्रति हजार 120 बेटियों कम जन्म ले रही हैं।

क्या है प्रदेश का सेक्स रेशियो
एक तरफ जहां प्रदेश राजधानी में प्रति हजार 120 बेटियां कम हैं तो वहीं दूसरी ओर पिछले 6 महीने में प्रदेश में 6,59,186 बच्चों का जन्म हुआ है। इनमें 3, 41,724 लड़के हैं और 3,17,462 बेटियां हैं। इस हिसाब से प्रदेश का चाइल्ड रेशियो 929 है।

क्या कहते हैं फैक्ट्स
अबॉर्शन में अव्वल है भोपाल: जन्म के समय चाइल्स सेक्स रेशियों में जहां भोपाल 49वें नंबर पर है तो वहीं अबॉर्शन में ये प्रदेश में पहले स्थान पर है। बता दें कि अप्रैल से सितंबर के बीच कुल 34,913 महिलाओं ने एंटी नेटल तैकअप (एनएनसी) रजिस्ट्रेशन करवाएं। इनमें से 4,458 महिलाओं के अबॉर्शन हुए जो कुल प्रेग्नेंसी का 12.8 प्रतिशत है। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में प्रेगनेंसी लॉस का प्रतिशत केवल 3.8 % है। यानी भोपाल में मध्य प्रदेश की तुलना में 9 प्रतिशन अबॉर्शन ज्यादा होते हैं।

चिंताजनक हैं आंकड़े: चाइल्ड स्पेशिलिस्ट डॉ शीला भंबल का कहना है कि बायलॉजिकल तो लड़के- लड़कियों का जन्म बराबर ही होता है। लेकिन भोपाल में इस संख्या में इतना फर्क चिंता की बात है। हालांकि प्रेगनेंसी लॉस के बहुत से कारण होते हैं, लेकिन अगर किसी जिले का चाइल्ड सेक्स रेशियों लगातार घट रहा है और अबॉर्शन के मामले बढ़ रहे हैं तो इन दोनों के कनेक्शन से इनकार नहीं किया जा सकता। यानी आंकडे इस बात की ओर इशारे करते हैं कि भोपाल में बच्चियां जन्म के पहले भी मारी जा रही हैं।

43 अंक घट गया सेक्स रेशियो: भोपाल में चाइल्स सेक्स रेशियो की दर पिछले तीन साल से लगातार घट रही है।

2016-17: 923 सेक्स रेशियो
2017-18: 911 सेक्स रेशियो
2018-19: 880 सेक्स रेशियो

 

इन जिलों में कम है सेक्स रेशियो:
भोपाल- 880
होशंगाबाद- 876
सतना- 867

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