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प्रदूषण फैलाने वाली इंडस्‍ट्री पर नहीं लगायी रोक, NGT ने दिल्‍ली सरकार पर ठोका 50 करोड़ रुपये का जुर्माना

एनजीटी ने दिल्ली सरकार को प्रदूषण फैलाने वाली यूनिट्स को तुरंत बंद कराने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद दिल्ली सरकार ने इस पर कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं की।

Author October 16, 2018 7:09 PM
एनजीटी ने दिल्ली सरकार पर ठोका 50 करोड़ का जुर्माना। (FILE PHOTO)

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण की समस्या अब गंभीर होती जा रही है। अब इसकी गाज दिल्ली सरकार पर गिरी है। दरअसल नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने दिल्ली सरकार पर 50 करोड़ रुपए का जुर्माना ठोक दिया है। दिल्ली सरकार पर यह जुर्माना प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई ना करने के कारण लगाया गया है। बता दें कि एनजीटी ने रिहायशी इलाकों में प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों के संचालन पर गहरी नाराजगी जतायी है। एनजीटी ने दिल्ली सरकार को प्रदूषण फैलाने वाली यूनिट्स को तुरंत बंद कराने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद दिल्ली सरकार ने इस पर कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं की। जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली सरकार के खिलाफ 50 करोड़ रुपए का जुर्माना ठोका है।

बता दें कि इस मामले में एक एनजीओ ऑल इंडिया लोकाधिकार संगठन ने एनजीटी में याचिका दाखिल की थी। यह संगठन एनजीटी के आदेशों को लागू कराने के लिए देखरेख करता है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, एनजीटी ने दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के तहत दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी को रिहायशी इलाकों में चलने वाली स्टील कंपनियों को प्रतिबंधित लिस्ट में डाला था और इनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। दिल्ली सरकार पर आरोप है कि वजीरपुर इलाके में चलने वाली कई इंडस्ट्रीज खुले नालों में अपने अपशिष्ट को बहा देती हैं, जो कि अंत में यमुना नदी में मिल जाता है। इस पर एनजीटी ने अपनी नाराजगी जतायी।

इसी बीच सर्दी बढ़ने के साथ ही दिल्ली में प्रदूषण और स्मॉग की समस्या से निपटने के लिए प्रदूषण नियंत्रक एजेंसियों ने सोमवार से दिल्ली में इमरजेंसी प्लान लागू कर दिया। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए गठित अथॉरिटी की सदस्य अरुणिमा चौधरी ने बताया कि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन के तहत दिल्ली में जेनरेटर्स के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लागू रहेगा। हालांकि एनसीआर में इसमें छूट दी गई है। इसके अलावा यातायात के सुचारु रुप से चलाने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा कई उपाय किए गए हैं। धूल भरी सड़कों की पहचान कर उन पर छिड़काव की व्यवस्था की गई है। प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर होने पर इमरजेंसी कैटेगरी में दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर रोक, निर्माण पर रोक जैसे कदम उठाए जाएंगे। बता दें कि सीपीसीबी (सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड) ने प्रदूषण नियंत्रण मानकों की निगरानी के लिए अपनी 41 टीमें दिल्ली एनसीआर में तैनात की हैं।

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