अस्पताल ने जिंदा नवजात को बता दिया मृत-Newborn, declared dead by Delhi hospital, found alive when taken for last rites - Jansatta
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अस्पताल ने जिंदा नवजात को बता दिया मृत

दिल्ली के शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल ने जुड़वा नवजातों को मृत घोषित कर उनके शव परिजनों को सौंप दिए। लेकिन इनमें से एक बच्चा बाद में जीवित निकला।

Author नई दिल्ली | December 2, 2017 1:25 AM
(Source: ANI Twitter)

दिल्ली के शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल ने जुड़वा नवजातों को मृत घोषित कर उनके शव परिजनों को सौंप दिए। लेकिन इनमें से एक बच्चा बाद में जीवित निकला। अस्पताल की यह लापरवाही तब सामने आई, जब कपड़े में बांधे गए एक बच्चे के शव में कुछ हरकत हुई। परिजनों की शिकायत पर हालांकि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की है और मामले को दिल्ली मेडिकल काउंसिल के कानूनी प्रकोष्ठ के सुपुर्द कर दिया गया है। 28 नवंबर को निहाल विहार में रहने वालीं वर्षा को मैक्स अस्पताल के प्रसूति विभाग में भर्ती कराया गया था। 30 नवंबर को वर्षा ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। परिजनों के मुताबिक, अस्पताल ने उन्हें बताया कि पैदा हुए बच्चों में एक लड़का और एक लड़की थी, जिसमें से बच्ची की मौत हो चुकी है और बच्चे की हालत गंभीर है। उसे आइसीयू में रखने की जरूरत है। इसके लिए भारी-भरकम खर्च की बात भी बताई गई। कुछ देर बाद अस्पताल ने फिर बताया कि लड़के की भी मौत हो गई है। इसके बाद दोनों नवजातों को मृत बताकर परिजनों को सौंप दिया गया। जब परिजन शव लेकर निकलने लगे तो एक बच्चे में हलचल हुई। परिजनों ने तुरंत एक अन्य निजी अस्पताल की ओर रुख किया, जहां एक बच्चा जीवित मिला। उसका इलाज चल रहा है।

परिजनों के मुताबिक, रास्ते में हलचल महसूस हुई तो हमने पार्सल फाड़ा और देखा कि कागज व कपड़े के अंदर लपेटकर रखे बच्चे की सांस चल रही थी। हम तुरंत उस बच्चे को पास में ही मौजूद अग्रवाल अस्पताल ले गए। इस घटना के बाद परिजनों ने मैक्स अस्पताल में जमकर हंगामा किया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दोनों बच्चों का जन्म 30 नवंबर को हुआ। प्रसव के वक्त बच्चों की उम्र 22 हफ्ते की थी।

उनके डॉक्टर ने जांच की तो दोनों नवजात मृत मिले। अस्पताल प्रशासन ने इस मामले पर हैरानी जताते हुए कहा कि हम इस घटना से सदमे में हैं। हमने विस्तृत जांच शुरू कर दी है और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक बच्चे को मृत बताने वाले डॉक्टर को छुट्टी पर जाने के लिए कह दिया गया है। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। वहीं पुलिस का कहना है दिल्ली मेडिकल काउंसिल के कानूनी प्रकोष्ठ को मामला भेज दिया गया है। उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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