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पंजाब का नया VIP केजरीवाल

यहां दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आलीशान आरामगाह में उनसे मेल-मुलाकात को लेकर ऐन मौके पर हुए बदलाव से शुक्रवार को यहां अफरातफरी का माहौल रहा।

Author झंडे (लुधियाना) | September 10, 2016 3:29 AM

यहां दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आलीशान आरामगाह में उनसे मेल-मुलाकात को लेकर ऐन मौके पर हुए बदलाव से शुक्रवार को यहां अफरातफरी का माहौल रहा। केजरीवाल ने शुक्रवार को शिकायतें-सुझाव सुनने के लिए खुला दरबार लगाने की घोषणा की थी, पर वे सुबह अमृतसर निकल गए। मौके पर कुछ आप वालंटियरों की केजरीवाल के सुरक्षाकर्मियों से तीखी बहस भी होते देखी गई। कई वालंटियर पहले ही झंडे में उनसे मिलने पहुंच गए थे और सुबह से ही उन्हें अंदर बुलाए जाने की प्रतीक्षा करते रह गए। आखिरकार शाम चार बजे उन्होंने उनसे मुलाकात शुरू की। इनमें से कुछ को वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि जलंधर में हुए एक हादसे के बाद केजरीवाल की तबीयत ठीक नहीं है और वे अब उनसे नहीं मिलेंगे।

शुरू में तो बठिंडा, मानसा, मोगा, फरीदकोट आदि दूरदराज इलाकों से मुलाकात करने आए वालंटियर उनसे मिले बिना ही लौट गए, पर उनकी इस आलीशान आरामगाह के बाहर लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा था। उसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने प्रतीक्षारत वालंटियरों को अंदर बुलाना शुरू कर दिया। शुरू में कुछ वालंटियरों को सिर्फ प्रदेश सह-संयोजक जरनैल सिंह से ही मिलने दिया गया। बाद में खुद केजरीवाल ने भी उनसे मिलना शुरू किया।

पर हाल ही में आप नेताओं के स्टिंग आॅपरेशन और संबंधित वीडियो क्लिप सामने आने के बाद घबराई आप ने यहां इन वालंटियरों की समुचित जांच-पड़ताल करानी शुरू कर दी। यहां तक कि उनके मोबाइल फोन, घड़ियां और यहां तक कि पेन वगैरह भी बाहर रखकर ही अंदर जाने दिया गया। एक पार्टी कार्यकर्ता ने इस बाबत बताया, ‘ऐसे किसी भी सामान को, जिसमें हिडन कैमरा लगा हो सकता है, अंदर लेकर जाने की मनाही है। इसीलिए हमने हर एक वालंटियर से इस प्रक्रिया में सहयोग की गुहार लगाई।’

इतना ही नहीं, वालंटियर को अंदर भी पर्ची के आधार पर ही जाने दिया जा रहा था। इस पर कुछ ने सवाल उठाए कि अगर यह सब करना था तो फेसबुक आदि पर मेल-मुलाकात का खुला न्योता देने का क्या मतलब? ऐसे वालंटियरों के एक समूह का कहना था, हमारे पास तो किसी पार्टी आॅब्जर्वर या पार्टी नेता की पर्ची नहीं है। हम सुबह से इंतजार कर रहे हैं और मुलाकात टाले जाने तक की सूचना नहीं दी गई। यह सब वीआइपी संस्कृति नहीं तो क्या है? केजरीवाल से मिलने दूर अमरगढ़ से हम यहां आए हैं।

इधर, केजरीवाल से मिलने में सफल रहने वाले वालंटियरों के चेहरों पर मुस्कान देखी गई। फरीदकोट से आर्इं आशा वर्करों और सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील कुक भी उनसे मिलीं। इसी तरह एसटी वर्ग में शामिल किए जाने की मांग के साथ आए एक कबीले के लोगों को भी अंदर जाने दिया गया। मानसा से आया युवकों का एक समूह भी पार्टी के लीगल सेल के हेड हिम्मत सिंह शेरगिल के बेहद नजदीकी और छोटेपुर का स्टिंग करने वाले गुरलाभ सिंह मान के खिलाफ शिकायत लेकर आया था।

फेसबुक पर ‘आप यूथ मानसा’ चलाने वाले प्रीत सिंह चहल का कहना है, यह शख्स वही है जो एचएस फूलका का भी स्टिंग करने गया था पर बाकी पेज 8 पर उङ्मल्ल३्र४ी ३ङ्म स्रँी 8
कामयाब नहीं हुआ था। उसका दावा है कि उसके पास पार्टी नेताओं के ऐसे तमाम स्टिंग हैं, जिनका इस्तेमाल वह ब्लैकमेलिंग में कर रहा है। हमने केजरीवाल को उसके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने इसका यकीन दिलाया। हम पार्टी में ऐसे ब्लैकमेलरों और असल वालंटियरों में फर्क सामने लाना चाहते हैं, जो वाकई नया पंजाब चाहते हैं।

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