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राम मंदिर मामला: नए विहिप अध्‍यक्ष बोले- सुप्रीम कोर्ट के प्रति नकरात्‍मक रवैया न अपनाएं

विहिप प्रमुख दिवंगत अशोक सिंहल को याद करते हुए कोकजे ने कहा कि उन्होंने राम मंदिर आंदोलन को पहले ही वैचारिक आंदोलन का रूप दे दिया है।

Author April 23, 2018 11:43 PM
विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे की फाइल फोटो।

उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी अयोध्या पहुंचे विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने सोमवार को राम मंदिर निर्माण को लेकर कहा कि सर्वोच्च अदालत के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाने का कोई औचित्य नहीं है। इस दौरान उन्होंने हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। अयोध्या में रामजन्मभूमि में रामलला के दर्शन-पूजन के बाद कोकजे ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर प्रकरण को लेकर कहा कि यह मामला न्यायालय के विचाराधीन है, इसलिए पर सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं है।

विहिप प्रमुख दिवंगत अशोक सिंहल को याद करते हुए कोकजे ने कहा कि उन्होंने राम मंदिर आंदोलन को पहले ही वैचारिक आंदोलन का रूप दे दिया है। विहिप की रामजन्मभूमि कार्यशाला में विहिप अध्यक्ष ने अपने अदालती अनुभवों के आधार पर कहा कि सर्वोच्च अदालत ने नए दावों को खारिज कर सीधे प्रकरण पर सुनवाई का रास्ता साफ कर दिया है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अदालत के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाने का कोई औचित्य नहीं है। राम मंदिर निर्माण ईश्वरीय कार्य है और अब तक की जो भी प्रगति हुई है, वह भी ईश्वर की कृपा से ही हुई है। सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि न्यायहित में अदालत को धारा 142 के अंतर्गत विशेषाधिकार प्राप्त है।

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उन्होंने कहा कि यह इतना बड़ा अधिकार है कि अदालत अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर भी निर्णय दे सकता है। यदि केंद्र सरकार कोई कानून बनाती भी है तो उसे भी कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। ऐसे में कोर्ट पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री से संबंधित सवाल के जवाब में कहा, “हमारा काम किसी सरकार का आकलन करना नहीं है। देश में अब तक आई सभी सरकारों में एनडीए की सरकार ही हमारी विचारधारा के सबसे निकट है।”

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