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जीबी रोड से भाग निकलने में सफल महिलाओं ने सुनाई आपबीती, नौकरी के झांसे में दिल्ली लाकर बेची जा रहीं बंगाल की बेटियां

महिला ने बताया कि वहां रोज 10-15 आदमी उसके साथ बलात्कार करते थे और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी।

मेरी गर्दन की त्वचा इसलिए जल गई क्योंकि मुझे जबरन फेयरनेस क्रीम लगवाया जाता था… एक आदमी ने दो महिलाओं से मेरा सौदा किया… इसके बाद हर रोज 10-15 लोग मेरे साथ बलात्कार करते थे… मना करने पर हमारे साथ मारपीट की जाती थी… जान मारने की धमकी दी जाती थी…मुझे जबरन देह व्यापार में धकेला गया… ये शब्द उन महिलाओं के हैं जो दिल्ली के जीबी रोड से किसी तरह भागने में सफल हो गई और किस्मत से दिल्ली महिला आयोग तक पहुंच गर्इं। महिलाओं ने बताया कि वह यमुना विहार में एक घर में कैद थीं जहां से भागकर निजामुद्दीन आ गर्इं। जहां पर उन्हें एक आदमी मिला जिसे उन्होंने अपनी समस्या बताई जहां से उसने आयोग की 181 महिला हेल्पलाइन पर फोन किया।

छुड़ाई गई महिलाओं में से एक की उम्र 28 साल है। उसने बताया कि वह पश्चिम बंगाल के कोलकाता की रहने वाली है। बंगाल में उसको एक महिला मिली जिसने उसको दिल्ली में नौकरी दिलाने का वादा किया। उसको सियालदाह रेलवे स्टेशन बुलाया गया जहां वह एक आदमी से मिली जिसने उसके सारे कागजात छीन लिए और उसे दिल्ली की ट्रेन में बैठा दिया। दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन पहुंचने पर उसकी मुलाकात एक आदमी से हुई। यह आदमी उसे कहीं ले गया और उसने उसे दो महिलाओं के हाथों बेंच दिया। पीड़ित का कहना है इसके बाद उसे जीबी रोड लाकर उसे जबरन देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया गया। जहां उसका नकली आधार कार्ड बनवाया गया।

महिला ने बताया कि वहां रोज 10-15 आदमी उसके साथ बलात्कार करते थे और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। महिला का कहना है कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी। महिला के अनुसार उसका चेहरा इस लिए झुलस गया क्योंकि उससे देह व्यापार करवाने वाले लोग फेयरनेस क्रीम लगाते थे जिससे उसका गला जल गया। पीड़ित का कहना है कि वहां पर 2-3 महीने रही। दूसरी महिला की उम्र 20 साल है। वह भी पश्चिम बंगाल की रहने वाली है। वह भी नौकरी की चाह में एक महिला के साथ दिल्ली आई थी। मगर कई दिनों तक नौकरी न मिलने पर उस महिला ने उसको जीबी रोड में बेच दिया। महिला के अनुसार उससे जबरन देह व्यापार करवाया जाता था। विरोध करने पर मारपीट की जाती थी। आयोग के मुताबिक कुछ समय पहले कोठे के मालिक को सूचना मिली उनके कोठे पर रेड पड़ने वाली है। जिसके बाद इन दोनों को अन्य लड़कियों के साथ यमुना विहार एक घर ले जाया गया। जहां से दोनों महिलाएं भागने में सफल रहीं।

मुझे जीबी रोड पर मानव तस्करी के प्रति अधिकारियों का बर्ताव देखकर बहुत दुख होता है। एक लड़की के गले पर कोठे के मालिक द्वारा जबरदस्ती फेयरनेस क्रीम लगाने की वजह से जलने के निशान पड़ गए हैं। दोनों लड़कियों ने कोठों में उनके ऊपर होने वाले अत्याचार के बारे में बताया है। यह जगह अब बंद होनी चाहिए। हाल के दिनों में भारत और नेपाल के कई हिस्सों से तस्करी कर इस धंधे में धकेला जा रहा है। यह मानव तस्करी है जिसे हर खत्म करना करना मेरी प्राथमिकता है। दोनों महिलाओं को कमला मार्केट थाने ले जाया गया जहां उनके बयान के आधार पर एफआइआर दर्ज करा दी गई है। हम इन महिलाओं का पुनर्वास कराएंगे। -स्वाति मालिवाल, अध्यक्ष डीसीडब्लू

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