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बीजेपी सांसद ने ‘तेजी से बढ़ती’ मस्जिदों के खिलाफ एलजी को लिखी चिट्ठी, जनता की ‘असुविधा’ का दिया हवाला

सांसद से पूछा गया कि उनका ध्यान सिर्फ मस्जिदों पर क्यों, अन्य धार्मिक इमारतों पर क्यों नहीं? इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'मैंने मस्जिदों के बारे में लिखा है क्योंकि मैंने सिर्फ मस्जिदों को अतिक्रमण करते और नियमित अंतराल पर अपनी बाउंड्री आगे बढ़ाते देखा है।'

Author नई दिल्ली | June 19, 2019 8:01 AM
एलजी को लिखी चिट्ठी में सांसद ने कहा, ‘मैं पूरी दिल्ली लेकिन खासकर मेरे संसदीय क्षेत्र (पश्चिम दिल्ली) के कुछ खास हिस्सों में सरकारी जमीन, सड़कों और एकांत स्थानों पर मस्जिदों के खास तरीके से तेजी से बढ़ने के रुख से अवगत कराना चाहता हूं।’ (Source: Facebook/Parvesh sahib singh verma)

पश्चिम दिल्ली से भाजपा सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने दावा किया है कि उनके संसदीय क्षेत्र सहित शहर के कई हिस्सों में सरकारी जमीन और सड़कों पर मस्जिदें ‘तेजी से बढ़’ रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे यातायात ‘प्रभावित’ हो रहा है और जनता को ‘असुविधा’ हो रही है। सांसद ने मंगलवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल को चिट्ठी लिखकर ‘तत्काल कार्रवाई’ का अनुरोध किया।

एलजी को लिखी चिट्ठी में सांसद ने कहा, ‘मैं पूरी दिल्ली लेकिन खासकर मेरे संसदीय क्षेत्र (पश्चिम दिल्ली) के कुछ खास हिस्सों में सरकारी जमीन, सड़कों और एकांत स्थानों पर मस्जिदों के खास तरीके से तेजी से बढ़ने के रुख से अवगत कराना चाहता हूं।’ वर्मा ने कहा कि इस तरह की मस्जिदों से न केवल यातायात ‘प्रभावित’ होता है बल्कि आम लोगों को ‘असुविधा’ भी होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मामले को ‘गंभीरता’ से लिया जायेगा और उपराज्यपाल के कार्यालय द्वारा ‘तत्काल कार्रवाई’ की जाएगी।

सांसद ने यह भी कहा कि अगर मस्जिदों के इस तरह से बनने की समस्या को प्राथमिकता देकर नहीं नहीं हल किया गया तो यह बाद में इससे निपटने में काफी दिक्कत होगी। सांसद ने एलजी से दरख्वास्त की कि वह एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, पुलिस, इरिगेशन और कृषि विभाग के अफसरों की एक कमेटी बनाएं, जिसकी अगुआई जिलाधिकारी करें। ये कमेटी उन इलाकों का सर्वे करे, जहां सरकारी जमीनों, सड़कों और शांत इलाकों में इस तरह के मस्जिद बनाए गए हैं। द इंडियन एक्सप्रेस ने जब इस बारे में सिंह से संपर्क किया तो उन्होंने दावा किया कि उन्होंने उत्तम नगर, रघुवीर नगर, विकासपुरी और नजफगढ़ जैसे इलाकों के पार्कों और सरकारी जमीनों पर ऐसी मस्जिदें देखी हैं।

सांसद से पूछा गया कि उनका ध्यान सिर्फ मस्जिदों पर क्यों, अन्य धार्मिक इमारतों पर क्यों नहीं? इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘मैंने मस्जिदों के बारे में लिखा है क्योंकि मैंने सिर्फ मस्जिदों को अतिक्रमण करते और नियमित अंतराल पर अपनी बाउंड्री आगे बढ़ाते देखा है। इन लोगों को राजनीतिक समर्थन भी मिलता है। अगर एक कमेटी बनती है तो वो अन्य समुदायों के धार्मिक प्रतिष्ठानों को लेकर भी जांच कर सकती है।’

हालांकि, नगर निगम के एक अधिकारी ने कहा कि यह समस्या सिर्फ धर्म विशेष तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, ‘लोग ऐसा सरकारी जमीनों पर कब्जा करने के लिए करते हैं। पहले वो छोटा सा निर्माण करते हैं और धीरे-धीरे उसे बढ़ाते जाते हैं। इनके खिलाफ चलाए गए अभियानों के दौरान हमने विभिन्न धार्मिक इमारतों के साथ ऐसा होता देखा है।’ वहीं, लोकसभा चुनाव में प्रवेश वर्मा से हारने वाले कांग्रेस नेता महाबल मिश्रा ने कहा कि सांसद सिर्फ एक धर्म को निशाना बना रहे हैं।

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