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सब्जियों के चढ़ते दाम ने बिगाड़ा खाने का जायका

सब्जियों की कीमत में आई महंगाई ने लोगों के घर के बजट के साथ-साथ उनके खाने का जायका भी खराब कर दिया है।
Author नई दिल्ली | November 26, 2017 04:49 am
दिल्ली में सब्जी बेचता एक विक्रेता। (फाइल फोटो)

राजधानी दिल्ली में ठंड बढ़ने के साथ ही सब्जियों के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। कई हरी सब्जियों सहित प्याज और टमाटर के दाम में इस हफ्ते काफी उछाल आया है। पहले दीपावलीे के बाद मौसम में मामूली ठंडक होने व नई फसल आने से सब्जियों के दाम में गिरावट होती थी, लेकिन इस बार ठंड में नई फसल की आवक के बावजूद सब्जियों के दाम गिरने के बजाय चढ़ने लगे हैं। सब्जियों की कीमत में आई महंगाई ने लोगों के घर के बजट के साथ-साथ उनके खाने का जायका भी खराब कर दिया है।  राजधानी के फुटकर बाजारों में प्याज और टमाटर के दाम 60 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। बीते साल नवंबर में ये दोनों सब्जियां 20 रुपए किलो के आसपास की कीमत में बिक रही थीं। सब्जियों के दाम में हुई बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह दक्षिण भारत में कई स्थानों पर हुई बरसात को बताया जा रहा है। इस साल जहां पर बारिश कम हुई है, वहां पर कच्ची फसल को ही उखाड़ना पड़ गया और उसे बाजार में कम कीमत पर बेचना पड़ा। वहीं जिन स्थानों पर बारिश ज्यादा हुई, वहां की फसल खराब हो गई। सब्जियों के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर किसी का नियंत्रण नहीं रह गया है। इस मामले में केंद्र और दिल्ली सरकार, दोनों ही एक-दूसरे पर दोषारोपण करती रहती हैं।

प्याज की कीमतों में हुए इजाफे का कारण उसकी खेती का कम होना है। देश में प्याज की सबसे ज्यादा खेती करने वाले राज्य तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में इस साल किसानों ने प्याज की खेती कम की है। इसकी वजह उन्हें खेती का उचित मूल्य नहीं मिलना बताया जा रहा है। खेती कम होने से बाजारों में प्याज की जितनी आवक होनी चाहिए थी, उतनी नहीं हुई है। टमाटर की सबसे ज्यादा खपत दक्षिण भारत में है। जब दक्षिण भारत में टमाटर की मांग बढ़नी शुरू हो जाती है, तो इसका असर उत्तर भारत पर पड़ता है और यहां के बाजारों व थोक मंडियों में टमाटर महंगा बिकना शुरू हो जाता है। राजधानी के फुटकर बाजारों में सब्जियों के दामों में चंद दिनों में हुई बढ़ोतरी को देखें, तो यह हैरान करने वाली है। पंद्रह दिन पहले प्याज के दाम 30 से 35 रुपए प्रति किलो थे, जो इन दिनों 60 रुपए प्रति किलों हैं। टमाटर पहले 30 रुपए किलो था, जो इन दिनों 60 रुपए प्रति किलो है। मटर की कीमतों में तो लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पहले मटर 150 रुपए प्रति किलो बिक रही थी, जो इन दिनों 200 रुपए प्रति किलो के करीब है। पत्ता गोभी 60 रुपए किलो से कम नहीं है। गोभी जो इन दिनों पहले 15 से 20 रुपए किलो में बिकती थी, वह अब 50 रुपए किलो में बिक रही है। शिमला मिर्च 80 से 100 रुपए किलो पर पहुंच गई है। भिंडी जो 50 रुपए किलो में बिक रही थी, वह अब 80 रुपए किलो से कम नहीं है।

पालक और सरसों के दाम 30 से 40 रुपए किलो से कम नहीं हैं। बथुआ 80 रुपए किलो के करीब बिक रहा है। टमाटर के आयात की सरकारी घोषणाएं को लगातार की जा रही हैं, लेकिन इसे अभी तक अमल में नहीं लाया गया है। वहीं अन्य सब्जियों के दाम घटने के भी आसार कम ही दिखाई दे रहे हैं।

 

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