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उमा भारती बनीं अरुण जेटली की रक्षक, अमित शाह के साथ लंच के मजे ले रहे पीयूष गोयल

सत्र के दौरान इन दिनों दोपहर के वक्त उनके साथ मौजूद होते हैं राज्यसभा सांसद और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह। संसद के लंच ब्रेक के दौरान दोनों पॉवर लंच करते हैं और सियासत की गप्पें होती हैं। इस दौरान सदन की गतिविधियों पर चर्चा होती है और आगे की रणनीति पर भी चर्चा की जाती है।

Author Updated: February 9, 2018 12:50 PM
गुरुवार (8 फरवरी) को लोकसभा में बयान देते वित्त मंत्री अरुण जेटली।

संसद में चल रहे बजट सत्र के दौरान मजेदार वाकये और दृश्य देखने को मिल रहे हैं। गुरुवार (9 फरवरी) को वर्ष 2018-19 के केंद्रीय बजट पर चर्चा का जेटली ने जब जवाब देना शुरू किया तब तेदेपा और वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य उनके आगे आकर खड़े हो गये थे और पहले आंध्रप्रदेश के विषय पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे थे। इस दौरान टीडीपी सांसद लगातार हंगामा कर रहे थे। वित्त मंत्री को लगभग दर्जन भर सांसदों के बीच फंसा देखकर उमा भारती ने मोर्चा संभाला। उमा भारती अपने सीट से खड़ी हुईं और जेटली के ठीक बगल में आकर खड़ी हो गईं। इस दौरान उनके चेहरे के हाव-भाव कुछ इस कदर थे कि टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस सांसद जेटली के और करीब आने की हिम्मत नहीं कर सके। उमा भारती के कवच बन जाने के बाद हंगामा कर रहे सांसदों को आखिरकार वापस जाना पड़ा। हालांकि वित्त मंत्री ने हंगामा कर रहे सांसदों को भरोसा दिया कि आंध्रप्रदेश के सदस्यों ने विशेष पैकेज और राजस्व हानि का विषय रखा है और इन पर गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं। जेटली के मुताबिक अगले कुछ दिनों में इन दो महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान निकाल लिया जायेगा।

संसद में रेल मंत्री बजट सत्र के दौरान एक वीआईपी गेस्ट की आगवानी कर रहे हैं। पीयूष गोयल संसद भवन के कमरा नंबर- 6 में सांसदों से मिलते हैं। सत्र के दौरान इन दिनों दोपहर के वक्त उनके साथ मौजूद होते हैं राज्यसभा सांसद और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह। संसद के लंच ब्रेक के दौरान दोनों पॉवर लंच करते हैं और सियासत की गप्पें होती हैं। इस दौरान सदन की गतिविधियों पर चर्चा होती है और आगे की रणनीति पर भी चर्चा की जाती है। कई बार बीजेपी के वरिष्ठ सांसदों को भी इन वीआईपीज के साथ लंच करने का मौका मिलता है।

बजट सत्र की वजह से सांसद अमित शाह इन दिनों व्यस्त चल रहे हैं। अमित शाह को विपक्ष के हमलों का भी जवाह देना है और पार्टी का काम-काज भी देखना है, ऊपर से बजट पर चर्चा की वजह से सदन की कार्यवाही भी काफी देर तक चल रही है, लिहाजा अमित शाह संसद से ही पार्टी का काम-काज देख रहे हैं। अमित शाह पार्टी के सांगठनिक कामों को पार्लियामेंट हाउस कॉम्पलेक्स से ही निपटा रहे हैं। अमित शाह ने संसद भवन में स्थित पार्टी दफ्तर में लगभग दर्जन पर वरिष्ठ केन्द्रीय मंत्रियों के साथ मीटिंग की। सूत्रों के मुताबिक इस मीटिंग में कर्नाटक विधानसभा चुनाव पर चर्चा की गई।

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