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मुख्तार अब्बास नकवी के इफ्तार में महिला बोली- इस्लाम में दखल बर्दाश्त नहीं! ओवैसी ने शेयर किया वीडियो

वीडियो में दिख रही महिलाएं कह रही है, "जो हमारा दीन कहेगा तीन तलाक के ऊपर हम उसपर चलेंगे, जो कलाम-ए-पाक कहेगा, तीन तलाक मुकर्रर है तो है, और तलाक होगा तो होगा ही...हमारे इस्लाम में कोई दखल दे तो हमें पसंद नहीं है...कोई भी इस्लाम में दखल दे ये शरीयत के खिलाफ हैं हमारे...

केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी द्वारा आयोजित मुख्तार में केन्द्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी एक मुस्लिम महिला से प्यार जताती हुईं , कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन भी मौजूद हैं। (फोटो-twitter/@naqvimukhtar)

केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बुधवार (13 जून) को दिल्ली में 7 सफदरजंग रोड़ स्थित अपने आवास पर बड़ी इफ्तार पार्टी दी। इस इफ्तार में केन्द्रीय मंत्री और दूसरे वीआईपी तो शरीक हुए ही। बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं भी शामिल हुईं। इनमे से कई महिलाएं तीन तलाक की शिकार भी थीं। इस दौरान नकवी ने कहा कि उनकी इफ्तार ‘सोशल इंजीनियरिंग’ का हिस्सा है। नकवी ने कहा कि वे अपने समाज की महिलाओ की सशक्तिकरण की बात करते हैं। हालांकि एआईएमआईएस नेता ओवैसी ने एक वीडियो शेयर कर दावा किया है कि नकवी की इफ्तार पार्टी में शामिल महिलाएं मोदी सरकार द्वारा तीन तलाक की प्रथा को खत्म किये जाने के सख्त खिलाफ हैं।

ओवैसी ने दावा किया है कि ये वीडियो नकवी की इफ्तार पार्टी में पहुंची महिलाओं का है। इस वीडियो को शेयर कर ओवैसी ने लिखा, “नकवी सर, सुनिए आपकी मेहमान आपके इफ्तार में क्या कह रही हैं।” वीडियो में दिख रही महिलाएं कह रही है, “जो हमारा दीन कहेगा तीन तलाक के ऊपर हम उसपर चलेंगे, जो कलाम-ए-पाक कहेगा, तीन तलाक मुकर्रर है तो है, और तलाक होगा तो होगा ही…हमारे इस्लाम में कोई दखल दे तो हमें पसंद नहीं है…कोई भी इस्लाम में दखल दे ये शरीयत के खिलाफ हैं हमारे…हम शरीयत के खिलाफ नहीं जा सकते…शरीयत में हमारे तीन तलाक है तो है…” महिलाओं से पूछा गया कि तो आप फिर यहां क्यों आईं हैं, इस पर उन्होंने कहा, “हमें दावत पर बुलवाया हैं उन्होंने, रोजा खुलवाने के लिए तो आए हैं…हम इस बात से सहमत नहीं है, हम सब बातें मानेंगे ये नहीं मानेंगे कि हम तीन तलाक से पीछे चले जाएं।”

केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की इफ्तार में करीब 300 मुस्लिम महिलाएं शामिल हुईं जिनमें कुछ तीन तलाक से पीड़ित महिलाएं थीं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद देश में एक साथ तीन तलाक अवैध हो गया है। केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार इस पर कानून बना रही है। कई मुस्लिम संगठनों ने तीन तलाक पर कानून बनाने की सरकार की कोशिश का विरोध किया है। इन संगठनों का कहना है कि सरकार इस्लाम के अंदरुनी मामलों में दखल दे रही है।

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