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दिल्ली के प्रदूषण पर सवाल सुन चलते बने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री, बोले- मैं इसपर कुछ नहीं कहना चाहता

पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री से पूछा कि हम आपसे दिल्ली में प्रदूषण को लेकर सवाल पूछना चाहते हैं, तो इस पर केंद्रीय मंत्री ने जवाब दिया कि मैं इसपर कुछ नहीं कहना चाहता। इतना कहकर वो आगे बढ़ गए।

Author Updated: June 18, 2018 2:31 PM
केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने कैबिनेट के सहयोगियों के साथ इस वक्त हड़ताल पर हैं। लेकिन जब केंद्रीय पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन से दिल्ली में प्रदूषण को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसका जवाब भी देना उचित नहीं समझा। पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री से पूछा कि हम आपसे दिल्ली में प्रदूषण को लेकर सवाल पूछना चाहते हैं, तो इस पर केंद्रीय मंत्री ने जवाब दिया कि मैं इसपर कुछ नहीं कहना चाहता। इतना कहकर वो आगे बढ़ गए। आपको बता दें कि दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है। चिकित्सकों ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए लोगों को बेवजह घर से बाहर ना निकलने की सलाह दी है। खासकर अस्थमा रोगियों को प्रदूषण से खास बचाव करने और मास्क पहनने की हिदायत दी गई है। पिछले छह दिनों से दिल्ली के निजी और सरकारी अस्पतालों में आंखों में जलन और श्वास संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।

सेन्ट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने बतलाया है कि रविवार (17 जून) को दिल्ली में PM-10 लेवल 420 दर्ज किया गया तो वही PM 2.5 लेवल 107 दर्ज किया गया। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 402 दर्ज किया गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में चल रहे सभी निर्माण कार्यों पर तत्काल पाबंदी लगा दी है। निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल दिल्ली में प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए अहम तौर से जिम्मेदार है।

क्या है पीएम-10 व 2.5? पीएम-10 व पीएम-2.5 का मतलब हवा में धूल के कणों के साइज से है। शहर में पॉल्यूशन विभाग की ओर से पीएम-10 मापा जाता है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि पीएम 10 को रेस्पायरेबल पर्टिकुलेट मैटर कहते हैं। इन कणों का साइज 10 माइक्रोमीटर होता है। इससे छोटे कणों का व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या कम होता है। इसमें धूल, गर्द और धातु के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं। पीएम 10 और 2.5 धूल, कंस्‍ट्रक्‍शन और कूड़ा व पुआल जलाने से ज्यादा बढ़ता है।

ऐसे बचें प्रदूषण से:
-जितना हो सके घर से बाहर निकलने से बचें।
-अगर बाहर जा रहे हैं तो फेस मास्क जरूर लगाएं।
-सांस के मरीजों को नियमित रूप से दवाएं लेनी चाहिए.
-समय-समय पर चेकउप कराएं और डॉक्टर की सलाह लेते रहें.
-अमूमनसुबह और शाम के वक्त पॉल्युशन सबसे ज्यादा होता है, इसलिए मॉर्निंग या इवनिंग के समय घर से ना निकलें।

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