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स्याह को सफेद करने वाले दो बैंक मैनेजर धरे गए

ईडी ने पुरानी दिल्ली के कश्मीरी गेट स्थित एक्सिस बैंक की शाखा के दो प्रबंधकों को गिरफ्तार किया है, जो काला धन सफेद करने के इस गोरखधंधे में लिप्त थे।

Author नई दिल्ली | December 6, 2016 4:52 AM
साल 2014 में देश में बाहर गया 1.34 लाख करोड़ का काला धन। (तस्वीर- एक्सप्रेस फोटो)

करोड़ों रुपए के अमान्य किए गए नोटों वाली करोड़ों रुपए की नकदी को 11 फर्जी कंपनियों के नाम से खोले गए खातों में जमा कराने के गोरखधंधे का खुलासा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने किया है। ईडी ने पुरानी दिल्ली के कश्मीरी गेट स्थित एक्सिस बैंक की शाखा के दो प्रबंधकों को गिरफ्तार किया है, जो काला धन सफेद करने के इस गोरखधंधे में लिप्त थे। फर्जी कंपनियों के नाम पर खाते खुलवाने वाला टैक्स कंसल्टेंट राजीव सिंह फरार है। इस बीचअदालत ने गिरफ्तार प्रबंधकों को सात दिन की प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया है। इन खातों में आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) प्रणाली से अमान्य किए गए नोट जमा किया जाता था। उन खातों से चेक जारी कर उनसे सोने की सिल्लियां खरीदी जाती थीं। दोनों प्रबंधक- शोभित सिन्हा और विनीत गुप्ता, इसके एवज में सोने की सिल्लियों के रूप में घूस लेते थे। उन प्रबंधकों के पास से तीन किलो सोने की सिल्लियां बरामद की गई हैं। ईडी ने 30 सितंबर को मनी लॉन्ड्रिंग प्रिवेंशन एक्ट (पीएमएलए) के तरह शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की थी। जिन पांच फर्जी कंपनियों के खातों के जरिए यह खेल चल रहा था, उन्हें कर सलाहकार का काम करने वाले राजीव सिंह नामक शख्स ने पंजीकृत करा रखा था। इन कंपनियों के निदेशक के बाकी पेज 8 पर

रूप में कई गरीबों के नाम हैं। ऐसी ही एक कंपनी का निदेशक एक मजदूर बताया जा रहा है। ईडी के अनुसार, कोई साधन संपन्न व्यक्ति इन कंपनियों का कर्ता-धर्ता नहीं है। आरोप है कि राजीव सिंह ने कई कारोबारियों का धन इन कंपनियों के जरिए खरीदे गए सोने के रूप में सफेद किया है। एक्सिस बैंक की इस शाखा में 10 से 22 नवंबर के बीच 40 करोड़ रुपए की अघोषित नकदी को जमाकर बाकी पेज 8 पर उनसे सोना खरीदने का हिसाब मिला है। विमुद्रीकरण के एलान के बाद पहली बार हेराफेरी के मामले में किसी बैंक के बड़े अधिकारी को पकड़ा गया है। उधर, एक्सिस बैंक ने एक बयान जारी कर कहा है कि आरोपी दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। बैंक ने बयान जारी कर कहा है, बैंक कॉरपोरेट प्रशासन के उच्च मानकों का पालन करने को प्रतिबद्ध है। तय नियमों से किसी भी कर्मचारी के भटकने को कतई बर्दाश्त नहींं कर सकता। इस मामले में बैंक ने आरोपी कर्मचारी को निलंबित कर दिया है और वह जांच एजंसियों के साथ सहयोग कर रहा है।

शोभित सिन्हा को लखनऊ स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से सोने की एक सिल्ली मिली। जिन जौहरियों से सोना खरीदा जाता था, उनमें से कई के साथ पूछताछ चल रही है। जौहरियों के पास से भी दो किलो सोने की सिल्ली बरामद की गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने दोनों आरोपियों और अन्य के खिलाफ दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी के आधार पर आपराधिक शिकायत दर्ज की है। यह मामला दिल्ली पुलिस के समक्ष तब आया, जब पिछले महीने उसने दो व्यक्तियों को 3.5 करोड़ रुपए के पुराने नोटों के साथ एक्सिस बैंक की शाखा के सामने पकड़ा। मामले में आयकर विभाग भी हरकत में आया और उसने बैंक की शाखा का सर्वे किया तथा बाद में दोनों आरोपियों के रिहायशी परिसरों की भी तलाशी ली गई। ईडी ने बैंक को 11 खातों में लेन-देन बंद करने को कहा है। इस मामले में लिप्त पाए गए कई जौहरियों, एंट्री आॅपरेटर और अन्य की भी पहचान की गई है, जिनसे पूछताछ चल रही है। ईडी के अनुसार, नोटबंदी के बाद कुछ लोगों ने पुराने नोटों से ऊंचे दामों पर सोना खरीदा है। आभूषण विक्रेता इन लोगों से 45,000 से 50,000 रुपए प्रति दस ग्राम के ऊंचे दाम पर सोने की बिक्री कर रहे थे। इस खेल में 31,000-32,000 रुपए प्रति दस ग्राम की वास्तविक बाजार दर पर सोने की खरीद कर उन लोगों को दे दी जा रही थी, जो उन खातों में नकदी जमा करा रहे थे।

इस मामले में ईडी की छापेमारी जारी है। दोनों बैंक प्रबंधकों से पूछताछ के आधार पर नोटों के कालाबारियों के पूरे समूह की तलाश की जा रही है। कालाबाजारियों के समूह ने इन खातों में पहले चरण में 20 करोड़ रुपए के अमान्य नोटों की नकदी जमा कराई। दलालों का एक गिरोह कालाबाजारियों और बैंक प्रबंधकों के बीच सेतु का काम करता था। ये लोग 15 फीसद कमीशन ले रहे थे। प्रबंधक एडवांस में रिश्वत ले रहे थे। शाम को बैंक बंद हो जाते के बाद ये लोग नकदी लेकर बैंक पहुंचते थे, जिन्हें गिनने के बाद जमा कराया जाता था।इस बीचअदालत ने गिरफ्तार प्रबंधकों को सात दिन की प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया है। जिला न्यायधीश रविंदर कौल ने प्रवर्तन निदेशालय की अर्जी स्वीकार कर ली जिसमें ईडी ने शोभित सिन्हा और विनीत गुप्ता से पूछताछ के लिए उन्हें 7 दिन की हिरासत में लेने की अनुमति मांगी थी। इनके जरिए ईडी कई अन्य लोगों को पकड़ना चाहता है। अदालत ने इन बैंक अधिकारियों को 12 दिसंबर तक ईडी की हिरासत में भेजते हुए कहा कि कालाधन उन्मूलन के इस अभियान में हर किसी को सहयोग करना चाहिए।

न्यायाधीश ने कहा, यह ऐसी स्थिति है जहां हर किसी को सहयोग करना चाहिए। अगर कालाधन खत्म करने के लिए अभियान चल रहा है तो हम सभी को सहयोग करना चाहिए। ईडी की ओर से पेश हुए अधिवक्ता विवेक गर्ग ने दलील दी कि इन दो बैंक अधिकारियों ने अन्य लोगों से साठगांठ कर अवैध रूप से पुराने नोटों को नए नोटोें से बदलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अभी तक की जांच से खुलासा हुआ है कि 40 करोड़ रुपए मूल्य की करेंसी और कई कंपनियां इसमें शामिल हैं। आरोपी सिन्हा के पास से 39 लाख रुपए मूल्य की सोने की एक ईट बरामद की गई है और एक अन्य र्इंट बरामद की जानी बाकी है। गर्ग ने कहा कि करीब 15 लोग इस मामले में शामिल हैं और 13 लोगों की गिरफ्तारियां होनी बाकी हैं। अगर इन आरोपियों को हिरासत में नहीं लिया जाता है तो ईडी की जांच प्रभावित होगी।

 

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