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जेएनयू में निकाला गया तिरंगा मार्च, करगिल शहीदों को किया गया याद

जेएनयू के मुख्य द्वार से शुरू हुए इस तिरंगा मार्च में दो केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान व जनरल वीके सिंह, ‘वेट्रंस इंडिया’ के मेंटर मेजर जनरल जीडी बख्शी और क्रिकेटर गौतम गंभीर भी शामिल हुए।

Author नई दिल्ली | July 24, 2017 03:28 am
जेएनयू के वीसी जगदीश कुमार ( तिरंगा मार्च निकालते लोग।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में 18वें करगिल विजय दिवस के मौके पर रविवार को तिरंगा मार्च निकाला गया और देश के लिए शहीद हुए जवानों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस मार्च का आयोजन ‘वेट्रंस इंडिया’ ने किया था।  जेएनयू के मुख्य द्वार से शुरू हुए इस तिरंगा मार्च में दो केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान व जनरल वीके सिंह, ‘वेट्रंस इंडिया’ के मेंटर मेजर जनरल जीडी बख्शी और क्रिकेटर गौतम गंभीर भी शामिल हुए। मार्च में 2,000 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया जो 2,200 फीट लंबे तिरंगे को दो किलोमीटर तक कन्वेंस सेंटर तक लेकर गए। मार्च में 23 शहीदों के परिजनों ने भी भाग लिया। मार्च के बाद कन्वेंस सेंटर में आयोजित एक समारोह में जेएनयू रेक्टर तृतीय प्रोफेसर आरपी सिंह ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हमने आज शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।

जेएनयू के कुलपति प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्रियों से आग्रह किया कि वे सेना का एक पुराना टैंक उपलब्ध कराने में उनकी सहायता करें, जिसे परिसर में किसी उचित स्थान पर स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जेएनयू ने सेना को सम्मान देने का एक उदाहरण दिया है। वहीं, देश के पूर्व सेनाध्यक्ष और विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने भारतीय सेना के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। इसके अलावा उन्होंने करगिल युद्ध में विजय भारत के लिए कितनी महत्त्वपूर्ण थी, इस पर भी प्रकाश डाला। क्रिकेटर गौतम गंभीर ने भारतीय युवाओं के लिए राष्ट्रवाद के महत्त्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हमें अपने तिरंगे, देश और सेना का हमेशा सम्मान करना चाहिए। सेना की वजह से ही हम आजादी की सांस ले पाते हैं।

 

 

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