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जामिया में तिरंगा फहराया, भावुक हुर्इं कुलाधिपति नजमा हेपतुल्ला

आंखों से आंसू पोछते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय मेरे खून में है। मेरे नाना अबुल कलाम आजाद का भी इसे बनाने में बड़ा योगदान है।
Author नई दिल्ली | June 20, 2017 02:13 am
नजमा हेपतुल्ला (File Photo)

मणिपुर की राज्यपाल और हाल ही में जामिया मिल्लिया इस्लामिया की कुलाधिपति बनीं नजमा हेपतुल्ला ने सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में 102 फुट ऊंचा तिरंगा फहराया। इसके अलावा उन्होंने शूरवीरों के चित्रों वाले ‘वॉल आॅफ हीरोज’ और विश्वविद्यालय के संस्थापकों व सहयोगियों के चित्रों वाले ‘वॉल आॅफ फाउंडर्स’ का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर नजमा भावुक हो गई थीं। उन्होंने अपनी आंखों से आंसू पोछते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय मेरे खून में है। मेरे नाना अबुल कलाम आजाद का भी इसे बनाने में बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि जामिया राष्ट्रवादी मुहिम का हिस्सा है। जामिया की स्थापना आजादी की लड़ाई से जुड़ी है। महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन के आह्वान पर ब्रिटिश शिक्षा के विरोध और विकल्प के रूप में इसकी स्थापना हुई। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जामिया जरूर बुलाएंगी। वह मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विचार को आगे बढ़ाएंगी।

नजमा ने कहा कि जिस उद्देश्य के लिए जामिया मिल्लिया इस्लामिया बना, जिस राष्ट्रवाद की बुनियाद पर यह खड़ा हुआ, उस जज्बे को मैं सलाम करती हूं। जामिया आजादी के 75 सालों बाद भी अपने राष्ट्रवाद और देश की एकता अखंडता जैसे मूल्यों के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कुलपति कार्यालय परिसर में 102 फुट ऊंचे धातु के खंभे पर 30 फुट लंबे और 20 फुट चौड़े राष्ट्रीय ध्वज को फहरा कर उसका उद्घाटन किया। हेपतुल्ला ने विश्वविद्यालय की डॉ. जाकिर हुसैन पुस्तकालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ‘वॉल आॅफ हीरोज’ का भी उद्घाटन किया जिस पर देश के 21 परम वीर चक्र से सम्मानित शूरवीरों के चित्र लगाए गए हैं। यहीं पर ‘वॉल आॅफ फाउंडर्स’ भी स्थापित की गई जिस पर करीब एक सदी पुराने इस विश्वविद्यालय के संस्थापकों और सहयोगियों के चित्र लगे हैं।

 

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