ताज़ा खबर
 

संसद में बिखर गई विपक्षी एकता: तृणमूल पर कांग्रेस-सीपीएम ने खोला मोर्चा, होने से बची हाथापाई

एक बिल पर चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस पर कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी और सीपीएम के मोहम्मद सलीम ने जमकर हमला बोला।

Author February 14, 2019 1:14 PM
ससंद में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी। (पीटीआई फोटो)

16वीं लोकसभा के आखिरी दिन बुधवार को संसद में विपक्षी एकता बिखरती नजर आई। एक बिल पर चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस पर कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी और सीपीएम के मोहम्मद सलीम ने जमकर हमला बोला। The Banning of Unregulated Deposit Schemes Bill, 2018 पर चर्चा के दौरान चौधरी और सलीम ने न केवल इस बिल का समर्थन किया, बल्कि कड़े शब्दों में बंगाल की सीएम और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी पर राज्य में हुए चिटफंड घोटाले को लेकर हमला बोला। वहीं, वेल में मौजूद तृणमूल सदस्य ने उकसाऊ नारेबाजी से जवाब दिया। सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। दोनों पक्षों के बीच हाथापाई होने से बची। वहीं, इस घटना का आनंद उठाते हुए बीजेपी सदस्यों ने खूब मेजें पीटीं।

चिटफंड घोटालों से संबंधित बिल पर चर्चा की शुरुआत होते ही तृणमूल सदस्य वेल में प्रदर्शन करने लगे। वे नारे लगा रहे थे, ‘बीजेपी की गुंडागर्दी नहीं चलेगी…नरेंद्र मोदी हाय हाय।’ बिल पर वित्त मंत्री पीयूष गोयल के बाद सबसे पहले बोलने वाले कांग्रेस के बंगाल से सांसद अधीर रंजन चौधरी ही थे। उन्होंने तंज कहा, ‘यहां शोर मचा रहे लोगों को कहना चाहिए चोर मचाए शोर… वे बंगाल से ताल्लुक रखते हैं। वे बंगाल को लूटने के बाद यहां आए हैं।’ आगे की कतार में बैठीं सोनिया गांधी ने पीछे मुड़कर यह जानने की कोशिश की कि आखिर अधीर कह क्या रहे हैं? इस बीच, कांग्रेसी सांसद ने अपना हमला तेज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘बंगाल में 25 लाख लोगों का पैसा लूट लिया गया। किसी को लूट की छूट नहीं मिलनी चाहिए। बंगाल में 20 हजार से लेकर 30 हजार करोड़ रुपये लूट लिए गए। यह सब उनके (तृणमूल) शासन के दौरान हुआ- बड़ी चिटफंड कंपनियों ने उनके सांठगांठ से लूट मचाई।’

कांग्रेस सांसद ने कहा कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। उधर, तृणमूल के नेता चौधरी के खिलाफ नारे लगाने लगे। इसके बाद सलीम ने तंज कसते हुए कहा, ‘कुछ लोग बहुत ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं, जब चिट फंड का जिक्र होता है। बहुत सारे लोग ऐसे हैं, जिन्हें जेल में होना चाहिए था…। आप देख सकते हैं कि बहुत सारे लोग यहां ऐसे बैठे हैं, जो राजनीतिक मोलभाव के बाद जेल से बाहर आए और यहां भाषण दे रहे हैं।’ सलीम ने बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर कुछ गंभीर आरोप भी लगाए, जिसे स्पीकर सुमित्रा महाजन ने सदन की कार्यवाही से हटवा दिया। वहीं, तृणमूल के सदस्य सलीम की ओर इशारा करके नारेबाजी करने लगे और उनके नजदीक पहुंच गए। किसी खतरे की आशंका में सीपीएम सदस्यों ने सलीम के चारों ओर घेरा बना लिया और यह सुनिश्चित किया कि तृणमूल सदस्य उन्हें छू न पाएं। उधर, नैशनल कॉन्फ्रेंस नेता फारूख अब्दुल्ला हाथ जोड़कर दोनों पक्षों को शांत होने की गुहार लगाते नजर आए लेकिन उनकी यह कोशिश नाकाम रही।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories