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अगर आप कोर्ट में चल रहे केस को लड़ने में हैं असमर्थ तो ये एप करेगा आपकी मदद, Google प्ले स्टोर से कर सकते इंस्टॉल

कोर्ट में चल रहे लंबित मामलों जैसी समस्याओं का निदान संभव है। अगर आप अपना केस लड़ने में आर्थिक और कानूनी रूप से असमर्थ है तो आपकी मदद करेगा

Author नई दिल्ली | March 30, 2018 3:07 AM
आपको यहां हम इस बात की भी जानकारी दे दें कि अब इन समस्याओं का समाधान भी संभव है

सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीशों ने वकालत के पेशे को लेकर चिंता की है। न्यायधीशों का कहना है कि अब अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ना इतना महंगा हो गया है कि यह गरीब आदमी की पहुंच से बाहर हो चुका है। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट के जजों ने इस तमाम तरह के मामलों मे हो रही देरी को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। जजों का भी मानना है कि कोर्ट में चल रहे केसों की न्यायकि प्रक्रिया इतनी धीमी है कि लोग अब इस बात से आश्वस्त हो गए हैं। लिहाजा अब कोर्ट- कचहरी के चक्कर लगा रहे लोग भी यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि कोर्ट में चल रहा उनका केस उनके जीवनकाल में खत्म नहीं होने वाला है। ऐसे में उन्हें न्याय मिलले की उम्मीद भी नहीं रह जाती। न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति एसए बोब्डे की खंडपीठ ने कहा कि वकालत को कभी कुलीन पेशे के रूप में जाना जाता था लेकिन मौजूदा दौर में यह पेशा व्यावसायिक आश्वासन में तब्दील हो गया है।

जजों का कहना है कि कहा कि न्याय प्रशासन में न्यायाधीशों के साथ ही वकीलों की समान भागीदारी होती है और वकील संदिग्ध व्यक्ति या सिर्फ केसों के सहारे ही जीवन यापन करने वाले व्यक्ति जैसा आचरण नहीं कर सकते हैं। वकीलों द्वारा ऐसा आचरण वकालत के पेशे के साथ नाइंसाफी करना है, क्योंकि कानून व्यापार नहीं है। एक वकील अदालत का अधिकारी है और इस नाते उसका यह कर्तव्य है कि वह सुचारू ढंग से न्यायालय का कामकाज सुनिश्चत करें न कि अपने फायदे का सौदा देखे। कोर्ट में केस लड़ रहे वकील को संकट में घिरे व्यक्ति की उम्मीदे जगानी होती हैं और वह असहाय वादी का शोषण नहीं कर सकता है।

लंबे केसों का इस एप से होगा समाधान

आपको यहां हम इस बात की भी जानकारी दे दें कि अब इन समस्याओं का समाधान भी संभव है। अगर आप अपना केस लड़ने में आर्थिक और कानूनी रूप से असमर्थ है तो आपकी मदद करेगा advok8.in Third party litigation funding के द्वारा ना केवल वो आपकी कानूनी रूप से सहायता करेगा बल्कि आर्थिक मदद करेगा। Advok8 के मार्केटिंग हेड सौरव कुमार सिन्हा का कहना है कि हमारा लक्ष्य देश में लोगो को कानूनी रूप से जागरूक एवं सजग करना है। अपने एप के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा की अभी तक 10000 से ज्यादा वकील उनके साथ जुड़ चुके है और एप पे दी जाने वाली टेक्नोलॉजी से वकीलों की कार्यक्षमता में बढ़ावा हुआ है और उनका काम पहले से ज्यादा सुचारु रूप से चल रहा है। इस एप को आप गूगल प्ले स्टोर पर जाकर अगर आप कोर्ट में चल रहे केस को लड़ने में हैं असमर्थ तो ये एप करेगा आपकी मदद, Google प्ले स्टोर से कर सकते इंस्टॉल कर सकते हैं। इंस्टॉल करने के बाद कुछ इस तरह से ऑप्शन ओपन होंगे।

कंपनी के फाउंडर कुंदन कुमार ने इस बात पे जोर डाला की उनका प्रोजेक्ट जटिल प्रक्रिया को सरल बनाना और भविष्य में लीगल इंशोरेंस और लीगल काल सेंटर जिससे दर्ज केसों की संख्या में गिरावट आने पे केंद्रित है। उन्होंने बताया की दीपक गोयल जो की एक एंजल इन्वेस्टर है से उन्हें सीड फंडिंग मिल चुकी है और आने वाले दो महीनो में राउंड A की संभावना बड़ी प्रबल है। केवल 15 दिनों के अंतराल में 70 से ज्यादा केसेस दर्ज हो चुके है और काम जारी है।

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