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जैसे-जैसे राहत मिली, दिल्लीवालों के उल्लंघन बढ़े

महीनों से घरों में कैद दिल्लीवालों को जैसे-जैसे सरकार ने राहत दी, आम लोग भी खुलकर बाजार, मेट्रो, मॉल व सड़कों पर उतरे और नियमों का उल्लंघन करते देखे गए

भारत में पहली बार कोरोना विषाणु का बी.1.617 स्वरूप अक्टूबर 2020 में रिपोर्ट किए गए थे। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

महीनों से घरों में कैद दिल्लीवालों को जैसे-जैसे सरकार ने राहत दी, आम लोग भी खुलकर बाजार, मेट्रो, मॉल व सड़कों पर उतरे और नियमों का उल्लंघन करते देखे गए। दिल्ली के ये ताजा हालत तीन राहतों के बाद सामने आए आंकड़ों में देखने को मिल रहे हैं। 31 मई से 20 जून तक के आंकड़े बताते हैं कि करीब 87,000 चालान कोरोना नियमों के उल्लंघन के किए गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक हर दिन औसतन 4,153 लोगों को पकड़ा गया है। इन 21 दिनों के दौरान दिल्ली में जांच कर रहीं सरकारी एजंसियों ने 87,218 लोगों को नियमों के उल्लंघन के मामले में चालन किए। ये लोग मास्क नहीं पहनने, दो गज की दूरी का पालन नहीं करना आदि नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। सरकारी रिकॉर्ड बताते हैं कि जैसे-जैसे दिल्ली में गतिविधियों को खुलने की मंजूरी दी गई है। वैसे-वैसे नियमों के उल्लंघन की संख्या भी बढ़ी है। हालांकि अभी दिल्ली से कोरोना खत्म नहीं हुआ है। इन तीन सप्ताह के दौरान में दिल्ली में 6,707 नए मामले सामने आ चुके हैं। राहत मिलने के बाद 14 से 60 साल आयु वर्ग के लोगों की बाहर की गतिविधियां सबसे अधिक बढ़ी हैं।

पहले चरण 31 मई से 6 जून के दौरान 20,966 जुर्माने हुए थे और 3,321 लोग संक्रमित पाए गए। इसी प्रकार 7 जून से 13 जून के दूसरे चरण में चालान का आंकड़ा 29,343 था। इस अवधि में कोरोना का संक्रमण 2,080 लोगों को हुआ था। तीसरे चरण 14 से 20 जून के दौरान चालान बढ़कर 39,909 हो गए हैं। हालांकि इस चरण में संक्रमण के मामले गिरकर 1,106 रह गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पहले चरण में 14 से 60 साल की आयु वर्ग के 2,627 लोगों को संक्रमण हुआ था। जबकि दूसरे चरण में 2,080 और तीसरे चरण में 14 से 60 साल आयु वर्ग के 931 लोगों को कोरोना संक्रमण हुआ था।

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