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दिल्ली-एनसीआर में पांच दिन घुमड़ते रहेंगे बदरा, मौसम रहेगा सुहाना

मौसम विभाग ने इस साल देश में पांच दिन की देरी से मानसून के दस्तक देने की संभावना जताई है। दक्षिण पश्चिम मानसून छह जून को केरल तट पर पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने बुधवार को यह जानकारी दी।

Author May 16, 2019 2:59 AM
बारिश के बाद दिल्ली के पारे में एकाएक गिरावट दर्ज की गई है।

दिल्ली व एनसीआर का मौसम 5 दिन खुशनुमा बना रहेगा। बारिश और बादलों की आवाजाही रहेगी और चढ़ते पारे से राहत रहेगी। बुधवार सुबह हुई झमाझम बारिश के बाद दिल्ली के पारे में एकाएक गिरावट दर्ज की गई है। निजी एजंसियों का दावा है कि इस बार देश में मानसून 5 दिन देरी से पहुंचेगा। हालांकि इस पर अब तक मौसम विभाग की तरफ से कोई पूर्वानुमान जारी नहीं किया गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को दिल्ली के लिए पांच दिन के मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। इसमें संकेत दिए गए हैं कि पहले तीन दिन तक दिल्ली का अधिकतम तापमान 35-34 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है। इसके बाद भी बादलों की आवाजाही जारी रहेगी।

इस बीच दिल्ली का न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। इन दिनों में हल्की बारिश की वजह से तापमान में गिरावट बनी रहेगी। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से मौसम में यह बदलाव देखा जा रहा है। बुधवार को दोपहर तक दिल्ली में 1.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

इस बार पांच दिन देर से केरल पहुंचेगा मानसून

मौसम विभाग ने इस साल देश में पांच दिन की देरी से मानसून के दस्तक देने की संभावना जताई है। दक्षिण पश्चिम मानसून छह जून को केरल तट पर पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने बुधवार को यह जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि भारत में चार महीने के बारिश के मौसम की शुरुआत दक्षिण पश्चिम मानसून से होती है। यह मानसून भारत में हर साल सामान्यत: एक जून को केरल तट पर दस्तक देता है। दक्षिण पश्चिम मानसून के बारे में मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार इस साल मानसून पहुंचने में पांच दिन की देरी हो सकती है। विभाग ने हालांकि इसमें चार दिन अधिक या कम होने की संभावना से इनकार नहीं किया है।

निजी क्षेत्र की मौसम एजंसी ‘स्काईमेट’ ने भी मंगलवार को देश में चार दिन की देरी से चार जून को मानसून के पहुंचने का अनुमान जारी किया था। इसके एक दिन बाद मौसम विभाग ने दक्षिण पश्चिम मानसून की पूर्वानुमान रिपोर्ट जारी की है। दक्षिण पश्चिम मानसून के लिए अंडमान सागर और निकोबार द्वीप के दक्षिणी इलाकों और बंगाल की खाड़ी के दक्षिण पूर्वी क्षेत्र में 18 से 19 मई के बीच आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियां बरकरार हैं। विभाग के अनुसार अगर पूवार्नुमान के मुताबिक मानसून इस साल भी देरी से आता है, तो 2014 के बाद मानसून के देर होने का यह तीसरा साल होगा।

इससे पहले 2015 में 5 जून और 2016 में 8 जून को मानसून ने केरल तट पर दस्तक दी थी। यह जरूरी नहीं है कि मानसून के देर से आने से बारिश की मात्रा पर कोई प्रभाव पड़े। पिछले साल मानसून नियत समय से 3 दिन पहले, 29 मई को केरल तट पर आ गया था। इसके बावजूद देश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी। इसी तरह 2017 में 30 मई को मानसून की दस्तक के बाद भी बारिश की मात्रा औसत स्तर की 95 प्रतिशत ही रही थी। विभाग ने अप्रैल में जारी पूर्वानुमान में दक्षिण पश्चिम मानसून में लगभग सामान्य बारिश होने का अनुमान व्यक्त करते हुए इसके 96 प्रतिशत तक रहने की संभावना जताई थी जबकि स्काईमेट ने इसके सामान्य से कम 93 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है।

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