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40 साल से परेशानी का कारण बनी थी अरविंद केजरीवाल की लंबी जीभ, अब करवाई सर्जरी

सर्जरी करने वाले नारायण हेल्थ सिटी के डॉक्टर पॉल सी सॉलिन्स ने बताया कि इस सर्जरी के जरिए केजरीवाल के गले और मुंह के ऊपरी हिस्से की बनावट को थोड़ा सही किया गया।

Arvind Kejariwal, Delhi Chief Minister, Narayana Health City, Kejriwal's chronic cough, Kejariwal's throat Surgery, Dr Paul C Salins, Kejariwal Gone through surgeryदिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बेंगलुरु के नारायण हेल्थ सिटी में गले की सर्जरी की गई है। (Photo: PTI)

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गले की सर्जरी के बाद कुछ दिनों तक बोल नहीं पाएंगे। मंगलवार को बेंगलुरु के नारायण हेल्थ सिटी में उनके गले की सर्जरी हुई थी। केजरीवाल के गले की सर्जरी करने वाले डॉक्टर के मुताबिक उनके मुंह के अनुपात में उनकी जीभ थोड़ी ज्यादा लम्बी हो गई थी। इसके आलावा उनके मुंह और गले के हिस्से की बनावट में भी कुछ परेशानी थी, जो उनके लगातार खांसी का कारण भी थी। गौरतलब है कि केजरीवाल को कफ की समस्या रहती है। वह पिछले 40 साल से अधिक समय से कफ से परेशान हैं।

केजरीवाल की सर्जरी करने वाले नारायण हेल्थ सिटी के डॉक्टर पॉल सी सॉलिन्स ने बताया कि इस सर्जरी जरिए केजरीवाल के गले और मुंह के ऊपरी हिस्से की बनावट को थोड़ा सही किया गया है। डॉक्टर ने बताया कि एलर्जी या किसी और कारण से जब भी केजरीवाल की नाक बंद होती है तो वह सांस लेने के लिए मुंह का इस्तेमाल करते हैं जिसके कारण उनके एयर पैसेज में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में थूक जमा हो जाता और वही कफ बन जाता है। केजरीवाल की जांच करने के बाद डॉक्टर इस नतीजे पर पहुंचे कि सर्जरी ही उनकी परेशानी का इलाज है।

अस्पताल की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया, ‘केजरीवाल के जीभ की लम्बाई की तुलना में उनके मुंह में बहुत कम जगह थी। तालु और छोटी जीभ अपने सामान्य आकार से थोड़ी बड़ी हो गई थीं, जिसके कारण सांस लेने की प्रक्रिया में परेशानी हो रही थी। मुंह के अंदर ऊपर की ओर एक छोटी मांसपेशी होती है। इस ऑपरेशन के द्वारा हमने उसकी आकृति में भी सुधार किया।’अरविंद केजरीवाल को डॉक्टर्स ने कुछ दिनों तक नहीं बोलने की सलाह दी है। अस्पताल के प्रवक्ता ने कहा, ‘केजरीवाल को काफी लंबे समय से कफ की समस्या थी, उन्हें ठीक होने में थोड़ा वक्त लगेगा। धीरे-धीरे सुधार होगा। अगली जांच के बाद ही हम बता सकेंगे कि वह कब बातचीत करना शुरू कर सकते हैं।’

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