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24 मई तक बढ़ी गृह मंत्रालय के अधिकारी आनंद जोशी की CBI रिमांड

आर्थिक फायदों के लिए कई गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) को कथित रूप से मनमाने तरीके से एफसीआरए के नोटिस भेजने के मामले में एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को गृह मंत्रालय के अधिकारी आनंद जोशी की सीबीआइ हिरासत 24 मई तक बढ़ा दी।

Author नई दिल्ली | May 21, 2016 01:23 am
गृह मंत्रालय के अधिकारी आनंद जोशी

आर्थिक फायदों के लिए कई गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) को कथित रूप से मनमाने तरीके से एफसीआरए के नोटिस भेजने के मामले में एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को गृह मंत्रालय के अधिकारी आनंद जोशी की सीबीआइ हिरासत 24 मई तक बढ़ा दी। एजंसी ने कहा था कि जांच के दौरान जब्त कुछ फाइलों के सिलसिले में उनसे पूछताछ की जरूरत है। विशेष सीबीआइ न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना ने एजंसी की याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर लिया जिसमें कहा गया है कि जांच के दौरान सात नई फाइलें जब्त की गई हैं और आरोपी का आमना-सामना उन कुछ ईमेल से कराना भी जरूरी है जो उनकी पत्नी के नाम पर निजी लोगों और संपत्तियों को प्रेषित किए गए थे।

जज ने कहा कि दलीलों पर विचार करने के बाद मेरी राय है कि संपूर्ण जांच के उद्देश्य के लिए रिमांड 24 मई तक बढ़ाई जाए। जोशी के वकील ने एजंसी के आवेदन का विरोध करते हुए कहा कि सीबीआइ को पहले ही पर्याप्त समय मिल चुका है। उन्होंने कहा कि जोशी ने पहले पूछताछ में सहयोग किया था और मामले में जांच के लिए पांच दिन काफी हैं। सुनवाई के दौरान आरोपी ने अदालत से कहा कि वे मानसिक रूप से परेशान हैं, जिसके बाद जज ने उनकी मेडिकल जांच का आदेश दिया। जोशी को 15 मई को पश्चिम दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। उन्हें सीबीआइ हिरासत समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया गया था।

सीबीआइ ने पहले दावा किया था कि कई एनजीओ से जुड़ी फाइलें गृह मंत्रालय से नदारद हैं और वे फाइलें जोशी के घर से मिलीं जबकि उन्हें इन्हें ले जाने की कोई जरूरत नहीं थी। आरोप लगे कि जोशी विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए)-2010 के तहत पंजीकृत कई एनजीओ-सोसाइटियों को मनमाने तरीके से नोटिस जारी कर रहे थे। ये संस्थाएं बड़ी मात्रा में विदेशी चंदा प्राप्त करती रही हैं। आरोप है कि इन कुछ संगठनों के प्रतिनिधियों को फोन कर जोशी ने उनसे रिश्वत मांगी और प्राप्त की। जोशी को 15 मई को गिरफ्तार किया गया था। उनसे तीस्ता सीतलवाड़ के सबरंग ट्रस्ट से संबंधित फाइलों के गायब हो जाने के बारे में भी सवाल पूछे गए थे।

जोशी पिछले हफ्ते गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित अपने आवास से गायब हो गए थे। उन्हें रविवार को पश्चिम दिल्ली के तिलक नगर से पकड़ा गया और पूछताछ के लिए सीबीआइ मुख्यालय ले जाया गया। उसके बाद एजंसी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जोशी ने अपने वरिष्ठों पर कुछ एनजीओ को क्लीनचिट देने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया। घर से जाने से पहले छोड़े गए पत्र में जोशी ने दावा किया था कि पिछले कुछ महीने में उनका मानसिक उत्पीड़न हुआ है।

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