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धड़कन है धरोहर: सरकार के रवैए से खफा सुप्रीम कोर्ट ने कहा – ताजमहल को बचाएं या फिर इसे गिरा दें

सरकार के रवैए से खिन्न सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सरकार से कहा कि ताजमहल की खूबसूरती को बहाल करिए या फिर आप चाहें तो इसे नष्ट कर सकते हैं।

Author नई दिल्ली, 11 जुलाई। | July 12, 2018 6:33 AM
न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता के पीठ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा- आप (सरकार) ताज को बंद कर सकते हैं।

सरकार के रवैए से खिन्न सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सरकार से कहा कि ताजमहल की खूबसूरती को बहाल करिए या फिर आप चाहें तो इसे नष्ट कर सकते हैं। अदालत ने विश्व धरोहर की संरक्षा के प्रति केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार और तमाम प्राधिकारों को उनके उदासीन और ढुलमुल रवैए के लिए आड़े हाथ लिया। न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता के पीठ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा- आप (सरकार) ताज को बंद कर सकते हैं। आप चाहें तो इसे ध्वस्त कर सकते हैं और अगर आपने पहले से ही फैसला कर रखा है तो इससे छुटकारा पा सकते हैं।

पीठ ने कहा-उत्तर प्रदेश (सरकार) को परवाह नहीं है। कोई कार्य योजना या दृष्टि दस्तावेज अभी तक नहीं मिला है। आप या तो इसे गिरा दीजिए या आप इसकी खूबसूरती बहाल कीजिए। शीर्ष अदालत मुगल बादशाह शाहजहां द्वारा अपनी बेगम मुमताज महल की याद में आगरा में बनाए गए ताजमहल को बचाने के लिए इसके आसपास के क्षेत्र में विकास कार्यो की निगरानी कर रही है। सफेद संगमरमर से बना यह स्मारक यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों में शामिल है।

इस मामले में सुनवाई के दौरान पीठ ने ताजमहल और पेरिस के एफिल टावर के बीच समानता की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि यह स्मारक संभवतया ज्यादा खूबसूरत है। लेकिन वहां के मौजूदा हालात की वजह से भारत लगातार पर्यटक और विदेशी मुद्रा गंवा रहा है। एक वकील ने जब यह कहा कि दृष्टि दस्तावेज तैयार किया जा रहा है तो पीठ ने पलट कर कहा कि क्या यह दस्तावेज ताजमहल के ध्वस्त होने के बाद आएगा? ताजमहल की सुरक्षा करनी होगी या फिर भारत सरकार को यह फैसला करना होगा कि क्या इसे गिराना है।

सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने ताज और एफिल टॉवर की तुलना करते हुए कहा कि पिछले साल भारत की यात्रा पर केवल एक करोड़ विदेशी पर्यटक आए थे जबकि पेरिस आठ करोड़ पर्यटक लोग पहुंचे। पीठ ने कहा, पेरिस में एफिल टॉवर है। शायद इसमें ताजमहल से तुलना करने लायक कुछ नहीं है। वहां (पेरिस) आठ करोड़ लोग जाते हैं। यह हमारे यहां आने वाले पर्यटकों से आठ गुना ज्यादा है। आप ताज को ध्वस्त कर सकते हैं, हम ऐसा नहीं चाहते।

सुनवाई के दौरान पीठ ने केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सालिसिटर जनरल एएन एस नादकर्णी से पूछा कि एक साल में भारत कितने पर्यटक आते हैं। जब नादकर्णी ने कहा कि 2017 में भारत में एक करोड़ पर्यटक आए तो पीठ ने कहा , हम केवल एक करोड़ लोगों से खुश हैं। यह पूरी तरह से सुस्ती और उदासीनता है। विदेश में लोग धन कमा रहे हैं, लेकिन यहां कोई चिंतित नहीं है। एफिल टावर का जिक्र करते हुए पीठ ने कहा कि भारत में सुरक्षा को लेकर चिंता है। लेकिन दूसरे देशों में टीवी टावर की तरह टावर बनाए गए हैं जहां से पर्यटक पूरे शहर का नजारा देख सकते हैं। विदेशी शहरों में आपको शहर का विहंगम दृश्य देखने के लिए इस तरह के टावर मिल जाएंगे। यहां इस तरह के टावर नहीं हैं। अदालत ने केंद्र को दो हफ्ते के भीतर हलफनामे में ताजमहल के संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों और अब आगे उसकी योजना का विस्तृत विवरण देने का निर्देश दिया है। इस मामले में 31 जुलाई से रोजाना सुनवाई की जाएगी।

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