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14 दिनों से लापता है इलाज कराने भारत आया सूडानी नागरिक, बीमार पिता की तलाश में भटक रहा बेटा

अब्‍दुल ने कई मीडिया संस्‍थानों, अस्‍पतालों, एजेंसियों से संपर्क किया, मगर उन्‍हें निराशा ही हाथ लगी।

Author April 28, 2017 2:55 PM
सूडान से पिता का इलाज कराने आया अब्‍दुल अब उनकी तलाश में भटक रहा है। (Source: Jansatta Online)

सूडान से पिता का इलाज कराने भारत आए अब्‍दुल राजीक ओसमान अलनोर हसन बेहद परेशान हैं। उनके पिता ओसमान अलनोर हसन याकूब पिछले 14 दिन से लापता हैं। दोनों दिल्‍ली के जसोला इलाके में स्थित कुंदल पैलेस होटल में ठहरे हुए थे, मगर 14 अप्रैल से ओसमान का कहीं कुछ पता नहीं चल रहा। ओसमान का इंद्रप्रस्‍थ अपोलो में महीनेभर तक इलाज चलना है। वे 8 अप्रैल को भारत आए थे। 14 अप्रैल को अब्‍दुल ने सरिता विहार पुलिस थाने में पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने कार्रवाई करने की बात कहकर भेज दिया। तब से अब्‍दुल खुद दिल्‍ली के इलाकों में अपने पिता को ढूंढते फिर रहे हैं। उन्‍होंने पैंफलेट छपवा कर लोगों में बंटवाए। फिर अब्‍दुल ने दिल्‍ली स्थित सूडानी दूतावास से संपर्क किया। जहां से उन्‍हें बताया गया कि उनके पिता के लापता होने की जानकारी अखबारों में छापी जाएगी। अब्‍दुल बताते हैं कि उनके पिता बेहद बीमार हैं। उन्‍हें किसी न किसी सहारे की जरूरत पड़ती है। उनके पिता को सिर्फ अरबी भाषा आती है, जिसकी वजह से उनका पता लगाने में और परेशानी आ रही है।

अब्‍दुल ने कई मीडिया संस्‍थानों, अस्‍पतालों, एजेंसियों से संपर्क किया, मगर उन्‍हें निराशा ही हाथ लगी। उन्‍होंने सूडान दूतावास के अधिकारियों से अपील की थी कि पिता की मेडिकल हालत को देखते हुए अधिक सक्रियता दिखाई जाए। उन्‍होंने कहा, ”मैं खुद उन्‍हें हर जगह तलाश रहा हूं, कुछ लोग बता रहे हैं कि उन्‍होंने मेरे पिता को देखा है। मैं पुलिस के पास गया तो उन्‍होंने शिकायत दर्ज कराके कॉपी मुझे दे दी। जब मैंने उनसे आस-पास के इलाकों में पता लगाने को कहा तो उन्‍होंने कहा कि हम कार्रवाई करेंगे। पुलिस ने अभी तक सिर्फ एक लोकल अखबार में इश्तिहार दिया है, मगर उसके सिवा कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मैंने दो बार सूडानी दूतावास से संपर्क किया मगर कोई मदद नहीं हुई।”

सूडानी दूतावास को अब्‍दुल द्वारा की गई शिकायत। (Source: Jansatta Online)

अब्‍दुल बताते हैं, ”हम 8 अप्रैल को भारत पहुंचे थे। 14 अप्रैल को कागजी कार्रवाई के बाद हम उन्‍हें (ओसमान) अस्‍पताल में भर्ती कराने ले जाने वाले थे, मगर वह बाहर निकले और हमें नहीं मिले। वह हमेशा मुझसे कहते थे कि उन्‍हें घर जाना है। उन्‍हें लगता है कि वह अभी सूडान में ही हैं। पिछले दो दिन (12, 13 अप्रैल) में उन्‍हें एहसास नहीं था कि वह क्‍या कह रहे हैं। कई रिक्‍शा ड्राइवरों, आस-पास के लोगों ने उन्‍हें लापता होने के बाद देखने की बात बताई, मगर उनका पता नहीं लगा।”

ओसमान के इलाज के लिए अपोलो हॉस्पिटल द्वारा भेजा गया पत्र। (Source: Jansatta Online)

अब्‍दुल दिल्‍ली पुलिस के रवैये से खासे नाराज हैं। उन्‍होंने कहा, ”मैं 25 अप्रैल को पुलिस स्‍टेशन गया था तो उन्‍होंने कहा कि अभी हम चुनाव में बिजी हैं, चुनाव बाद जांच करेंगे।” अब्‍दुल ने कहा, ”मुझे बस मेरे पिता चाहिए। उनका इलाज कराके हम वापस लौट जाएंगे। किसी भी तरह मेरे पिता मुझे वापस मिल जाएं।”

सरिता विहार पुलिस थाने में दर्ज कराई गई गुमशुदगी रिपोर्ट की कॉपी। (Source: Jansatta Online)

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