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दिल्ली मेरी दिल्ली- 144 की धारा ने बिगाड़ा छात्रसंघ चुनाव का रोमांच

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह के अनुयायियों के उग्र होने की वजह से दिल्ली के 11 जिलों में धारा 144 लगा दी है।

Author August 28, 2017 4:38 AM
इस चुनाव में एबीवीपी को चारों पदों पर सबसे ज्यादा 61,707 वोट मिले।

144 की धारा ने काम बिगाड़ा
दिल्ली के दो बड़े विश्वविद्यालयों डीयू और जेएनयू में छात्र संघ चुनाव की तिथियां घोषित हो चुकी हैं। दूसरी ओर, डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह के अनुयायियों के उग्र होने की वजह से दिल्ली के 11 जिलों में धारा 144 लगा दी है। अब ऐसे में छात्र संघ चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के सामने प्रचार करने की समस्या आ गई है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि धारा 144 के बीच वे एसयूवी कारों का काफिला कैसे निकाल पाएंगे? इतना ही नहीं डीयू में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार इस पसोपेश में भी हैं कि वे अपने संभावित मतदाताओं को कैसे पार्टी दे पाएंगे? अब देखना है कि ये उम्मीदवार इस समस्या से कैसे बाहर निकल कर मतदाताओं को रिझाने में कामयाब हो पाते हैं।

बवाना से निकलेगी बात
बवाना उपचुनाव के नतीजे आते ही दिल्ली भाजपा में राजधानी के मुख्यमंत्री की कुर्सी की लड़ाई तेज हो जाएगी। वैसे भी काफी समय से इस सीट पर कई लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं। उनमें दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता, केंद्रीय मंत्री विजय गोयल पहले से ही इस सीट पर आस लगाए बैठे हैं, लेकिन अब इस कुर्सी की दौड़ में दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी भी शामिल हो गए हैं। तिवारी की जातीय पहुंच पहले से पूर्वांचल वोटों पर तो है ही, अब दिल्ली भाजपा की कमान संभालते ही उन्होंने राजधानी की झुग्गी बस्तियों और स्लम कटरों में पकड़ मजबूत करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मंत्री विजय गोयल भी जानते हैं कि दिल्ली में अगर उन्हें अपनी पकड़ मजबूत दिखानी है, तो राजधानी के पुनर्वास, स्लम और ग्रामीण क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान देना होगा। अब गोयल ने हाल ही में झुग्गियों में दौड़ करवाकर क्षेत्रों में खेल प्रतियोगिताएं शुरू करवा दी हैं। उधर, विजेंद्र गुप्ता भी लगातार जोर-शोर से दिल्ली से जुड़े मसलों को लेकर सड़कों पर आ रहे हैं।

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खुला मेट्रो का ताला
मेट्रो रेल निगम में एक अधिकारी ने आंदोलनरत कर्मचारियों पर धौंस दिखाने व आंदोलनकारियों को रोकने के लिए मुख्य दरवाजा बंद करा दिया। इतना ही नहीं उस पर ताला जड़वा दिया और कहा कि जो कर्मचारी अंदर हंै वे अंदर व जो बाहर हैं वे बाहर ही रहेंगे। इस पर मौके पर मौजूद खबरनवीस ने तपाक से कहा कि यह तो हेडलाइन मिल गई। कर्मचारी के साथ पत्रकार बंधक। फिर क्या था दांव उल्टा पड़ते देख अधिकारी महोदय ने तपाक से ताला खुलवाने का आदेश दे हालात संभाला।
-बेदिल

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