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नगर निगम चुनाव के लिए प्रदेश भाजपा ने शुरू की तैयारियां

दिल्ली समेत पड़ोसी राज्यों में होने वाली चुनावी तैयारियों का बिगुल बज गया है।

सांकेतिक फोटो।

दिल्ली समेत पड़ोसी राज्यों में होने वाली चुनावी तैयारियों का बिगुल बज गया है। दिल्ली में इसकी शुरुआत खंड प्रमुखों से साथ होने वाली बैठकों के साथ हुई है। दिल्ली की सभी विधानसभाओं में पार्टी का जमीनी स्तर तालमेल स्थापित किया जा सके, इसकी जिम्मेदारी खंड प्रमुख संभाल रहे है। इन प्रमुखों के साथ प्रदेश संगठन के पदाधिकारी बैठकें कर रहे हैं ताकि चुनाव से ठीक पहले आम जनता के मन को टटोला जा सके।

दिल्ली में अगले साल एमसीडी के चुनाव होने हैं। इस बार तैयार हुई नई टीम के पास इन चुनाव को कराने की जिम्मेदारी होगी। अब तक हुए निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की और तीनों ही निगमों में पार्टी का कब्जा है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है और कांग्रेस भी धीरे-धीरे जमीन तैयार कर रही है। इस पूरे समीकरण के बीच अपनी सीटों की पकड़ का बनाए रखना ही इस बार पार्टी के लिए बड़ी चुनौती होगी। इससे पूर्व हुए चुनावों में पार्टी ने सभी निगम पार्षद पद के चेहरों में बदलाव किया था और इसका लाभ पार्टी को मिला था। इस फेरबदल को पहले से ही विपक्ष हमला बोल रहा है।

प्रदेश स्तर पर इस काम का जिम्मा भारतीय जनता पार्टी ने महामंत्री हर्ष मल्होत्रा व कुलजीत चहल को सौपा है। बताया जा रहा है कि अब तक कुल 20 विधानसभाओं के साथ इस प्रकार की बैठकें हो गए हैं। पार्टी नेता कुलजीत चहल ने बताया कि अब तक पार्टी ने बूथ चुनाव जीत को अपना बड़ा हथियार माना है। यह शहरी केंद्र में भाजपा की मजबूती का प्रमुख आधार है। इसके बाद पन्ना प्रमुख बनना, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ना जैस अहम कार्यो में पार्टी लगी है। जहां भी कोई तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही है। उन दिक्कतों को भी दूर किया जा रहा है। हाल ही में इसी आधार पर जल बोर्ड के खिलाफ मुहिम शुरू की थी। दिल्ली भर में ऐसे करीब 3600 खंड बने हैं।

अबकी बार पन्ना प्रमुख की जगह लेगी कमेटी

अब तक हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने पन्ना प्रमुख को हर छोटे स्तर पर चुनाव जीतने की जिम्मेदारी सौंपी है। इस बार देशभर के राज्यों में होने वाले चुनाव में पार्टी पन्ना कमेटियों का गठन करेगी। चुनाव आयोग के एक पन्न में करीब 60 तक मत होते हैं। इन मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लान के लिए प्रेरित करना ही पन्ना प्रमुख की जिम्मेदारी होती है। अबकी बार देश भर के राज्यों में होने वाले चुनाव में पन्ना समितियां बनाने की तैयारियां चल रही है। खंड प्रमुखों की बैठकों के बाद इस दिशा में पहल शुरू की जाएगी। यह व्यवस्था अगले वर्ष होने वाले सभी पांच राज्यों में होगी। जिन राज्यों में अगले वर्ष चुनाव होना है। उन राज्यों में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर व गोवा शमिल है। पन्ना प्रमुख की व्यवस्था पार्टी पूर्व अध्यक्ष अमित शाह लेकर आए थे।

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