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संसद परिसर में सोनिया, राहुल ने दिया धरना: ‘वी वांट जस्टिस, तानाशाह शर्म करो’ के लगे नारे

लोकसभा से अपने 25 सांसदों को निलंबित किए जाने के विरोधस्वरूप पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने मंगलवार को संसद भवन...

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी एक-दूसरे से मंत्रणा करते हुए। (पीटीआई फोटो)

लोकसभा से अपने 25 सांसदों को निलंबित किए जाने के विरोधस्वरूप पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने मंगलवार को संसद भवन परिसर में धरना दिया। उन्होंने पुरजोर शब्दों में कहा कि संसद से पार्टी के सभी सदस्यों को बाहर किए जाने के बाद भी उनकी भाजपा नेताओं के इस्तीफे की मांग कमजोर नहीं पड़ेगी।

सोनिया गांधी ने पार्टी के 25 सदस्यों को निलंबित करने के स्पीकर सुमित्रा महाजन के फैसले को ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया। जबकि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य विपक्षी पार्टी केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की मांग को उठाना जारी रखेगी।

सोनिया ने कहा कि संसद की कार्यवाही चलाना सरकार की जिम्मेदारी है। हमारे सांसदों का निलंबन अलोकतांत्रिक है। लोकतंत्र की हत्या हुई है। कांग्रेस अध्यक्ष ने संसद परिसर में धरने के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, एके एंटनी और आनंद शर्मा के साथ स्पीकर के फैसले के खिलाफ नारे भी लगाए। धरने में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी हिस्सा लिया।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा- हम अपने रुख से पीछे नहीं हटेंगे और जहां तक भ्रष्टाचार के मुद्दों का सवाल है और सुषमा एवं व्यापमं का विषय है, हमारे दबाव में कोई कमी नहीं आएगी। मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि इस्तीफा कांग्रेस पार्टी नहीं बल्कि देश की जनता मांग रही है। व्यापमं ने मध्यप्रदेश में हजारों लोगों के भविष्य को बर्बाद कर दिया है। इस बात के स्पष्ट साक्ष्य हैं कि सुषमाजी ने नियमों को तोड़ा है। राजस्थान की मुख्यमंत्री (वसुंधरा राजे) की ललित मोदी के साथ वित्तीय संलिप्तता के स्पष्ट साक्ष्य हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश के ‘मन की बात’ सुननी चाहिए। धरना दे रहे नेता ‘वी वांट जस्टिस, तानाशाह शर्म करो’ जैसे नारे लगा रहे थे। कांग्रेस सदस्यों ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष बैठकर धरना दिया। सदस्य अपनी बांह पर काली पट्टी बांधे हुए थे। सपा और राजद के सदस्यों ने भी कांग्रेस सांसदों के साथ धरने में हिस्सा लिया। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष का फैसला कानून सम्मत नहीं है। मुलायम ने कहा कि उन्होंने स्पीकार से निलंबन पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है।

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