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कचरा घर समाधान में नाकाम रहे प्राधिकरण ने जिला प्रशासन को सौंपी कमान

कचरा घर (सेनेट्री लैंड फिल साइट) को लेकर जनविरोध के कारण मझधार में फंसे नोएडा प्राधिकरण ने इस समस्या का समाधान करने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन के मत्थे मढ़ दी है।

Author नोएडा, 24 जून। | Published on: June 25, 2018 6:59 AM
एहतियात के तौर पर अभी भी करीब 50 पुलिस कर्मी यहां तैनात हैं। जिन्हें अगले कुछ दिनों में हटाए जाने की उम्मीद है।

कचरा घर (सेनेट्री लैंड फिल साइट) को लेकर जनविरोध के कारण मझधार में फंसे नोएडा प्राधिकरण ने इस समस्या का समाधान करने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन के मत्थे मढ़ दी है। जिला प्रशासन ने ग्रेटर नोएडा के खोदना खुर्द में प्राधिकरण की 7 एकड़ जमीन को इसके लिए चुना है। यहीं कचरा डालना शुरू करने का दावा किया है। प्राधिकरण की तरफ से 22 जून को एक पत्र जिलाधिकारी को भेजा गया। जिसमें एनजीटी के नियमों का हवाला देते हुए जिला प्रशासन की कचरा घर बनाने की जिम्मेदारी बताई है। उपजे हालात के मद्देनजर जिला प्रशासन ने रोजाना निकलने वाला 650 टन कचरे को ग्रेटर नोएडा के खोदना खुर्द में डालना तय किया है। साथ ही ऐलान किया कि जिस गांव की जमीन पर कचरा डाला जाएगा, उसे आधुनिक (मॉर्डन) गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। गांव को सभी सरकारी सुविधाएं और बच्चों को निजी स्कूलों में शिक्षा दिलाने का दावा किया है।

डीएम बीएन सिंह ने बताया कि सेक्टर-123 में प्रस्ताविक कचरा निस्तारण संयंत्र को लेकर प्रदर्शनकारी लगातार कानून-व्यवस्था का उल्लंघन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला आने के बाद प्राधिकरण की तरफ से कचरा घर और ठोस कचरा प्रबंध संयंत्र लगाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की बताई है। प्राधिकरण सिर्फ शहर से कचरा उठाएगा। इससे पहले सेक्टर- 151ए और अस्तौली में कूड़ा डालने का विरोध करने वालों से प्राधिकरण अफसरों की वार्ता विफल रही। जिलाधिकारी ने बताया कि कचरे की समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक सर्वमान्य समिति का गठन किया जाएगा। जिसमें जिला प्रशासन, प्राधिकरण, पर्यावरणविद, पत्रकार, ग्रामीण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अलावा शहरवासी और जनप्रतिनिधि शामिल किए जाएंगे। ये समिति एक साल में गांव और शहर के लोगों से बातचीत कर रिपोर्ट तैयार करेगी। जिला प्रशासन ने कचरा घर को लेकर जनविरोध दूर करने के लिए ग्रामीणों को कई आकर्षक सुविधाएं देने की भी पहल शुरू की है। जिस गांव की जमीन पर कचरा फेंका जाएगा, उसके आसपास के सभी गांवों को मॉडल गांव के रूप में तब्दील किया जाएगा। सरकारी सुविधाओं के लाभ के अलावा अस्थायी व स्थायी विकासीय पैकेज भी आसपास के गावों को मिलेंगे।

लिखित आश्वासन मिलने पर धरना बंद करेंगे ग्रामीण

कचरा घर मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान लेने के बाद प्राधिकरण ने सेक्टर-123 में कचरा डालना बंद कर दिया है। फिलहाल कचरा डालने के लिए खोदना खुर्द का चयन किया है। अलबत्ता अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि ठोस कचरा संयंत्र सेक्टर-123 में लगेगा या नहीं? साथ ही ठोस कचरा प्रबंध संयंत्र और छंटाई मशीन के लिए प्राधिकरण ने जिस कंपनी को चुना है, निविदा शर्तों के अनुसार सेक्टर-123 में ही कंपोस्टिंग मशीन व संयंत्र लगाना है। जानकारों के मुताबिक, संयंत्र को सेक्टर-123 से अन्यत्र लगाने में प्राधिकरण को कागजी तौर पर काफी संशोधन व नियमों को बदलना होगा। इसी वजह से कूड़ा डालना बंद करने के बावजूद प्राधिकरण अफसर इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हैं। आश्वासन मिलने पर ही धरना बंद करने का ऐलान किया है। बुधवार तक की समयसीमा तय की है।

खोदना खुर्द में विरोध हुआ शुरू

ग्रेटर नोएडा के खोदना खुर्द को कचरा डालने के लिए चुनने के साथ ही आसपास के ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है। कचरा घर के विरोध में ग्रामीणों ने पंचायत की। पर्यावरणविद विक्रांत तोंगड़ ने बताया कि शनिवार को प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने नोएडा के सेक्टर-150 और ग्रेटर नोएडा के खोदना खुर्द आदि इलाकों का दौरा किया। जिसके बाद खोदना खुर्द में कूड़ा डालने का फैसला ले लिया। दो साल पहले तुस्याना गांव में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कचरा डाला था।

विरोधी पुलिस के निशाने पर

सेक्टर-123 से कचरा घर हटाने की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन समेत राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों की तलाश पुलिस ने कर ली है। आरोपियों को नोटिस भेजने से पहले सरकारी वकील से पुलिस सलाह ले रही है। 24 दिन चले कचरा घर बवाल में 227 लोगों पर पुलिस ने निरोधात्मक कार्रवाई की है। इनमें 36 महिलाएं हैं। काफी लोगों को पुलिस ने जेल भेजा है। 1 जून से चल रहे आंदोलन के दौरान 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहे। कचरा घर को हटाने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में तोड़-फोड़ और राजस्व को भारी नुकसान हुआ। सैकड़ों की संख्या में लोगों के जमा होने पर पुलिस को कई मर्तबा लाठी भी भांजनी पड़ी। 1 जून को 36, 4 जून को 47 जिनमें 5 महिलाएं, 5 जून को 33 और 17 जून को 111 जिनमें 31 महिलाएं थी, उन्हें हिरासत में लिया गया था। इनके खिलाफ पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया था। नोएडा प्राधिकरण ने अब सेक्टर-123 में कचरा डालना बंद कर अन्यत्र कचरा डालने का फैसला लिया है। इसके बावजूद रविवार को भी सेक्टर-123 में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। कुछ लोगों ने गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा पश्चिम और नोएडा से आने वाले रास्ते को भी कुछ समय के लिए बाधित किया।

ग्रेटर नोएडा के खोदना खुर्द में डाला जाएगा कचरा

 

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