SC/ST quota in promotions will also be applicable to government jobs in states - केंद्र और राज्यों में बहाल होगा पदोन्नति में आरक्षण : पासवान - Jansatta
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केंद्र और राज्यों में बहाल होगा पदोन्नति में आरक्षण : पासवान

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने बुधवार को उच्च स्तरीय बैठक के बाद कहा कि पदोन्नति में आरक्षण फिर से बहाल करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट से केंद्र को मिली अस्थाई राहत के बाद यह केंद्र सरकार के साथ ही राज्य सरकारों की नौकरियों में भी लागू होगा।

Author नई दिल्ली, 13 जून। | June 14, 2018 6:33 AM
केन्द्रीय खाद्य और आपूर्ति मंत्री राम विलास पासवान (पीटीआई फाइल फोटो)

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने बुधवार को उच्च स्तरीय बैठक के बाद कहा कि पदोन्नति में आरक्षण फिर से बहाल करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट से केंद्र को मिली अस्थाई राहत के बाद यह केंद्र सरकार के साथ ही राज्य सरकारों की नौकरियों में भी लागू होगा। पासवान ने कहा कि कुछ भ्रम था क्योंकि इसको लेकर संदेह था कि अदालत का निर्देश क्या केवल केंद्र सरकार की नौकरियों में ही लागू होगा। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग जल्द ही इस संबंध में निर्देश जारी करेगा। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के एक समूह ने बुधवार को बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की। इन मंत्रियों में गृह मंत्री राजनाथ सिंह, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत और खुद पासवान शामिल थे।

सरकार ने इस समूह का गठन दलित और आदिवासी जनसंख्या से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए किया है। विभिन्न हाई कोर्टों के आदेशों का परिणाम यह हुआ कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में आरक्षण रुक गया और केंद्र ने हाल में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने केंद्र की अपील पर सुनवाई करते हुए उसे इसकी इजाजत दी कि मामले में जब तक अंतिम फैसला नहीं आ जाता, वह पदोन्नति में आरक्षण मुहैया कराने पर आगे बढ़ सकता है। पासवान ने यह भी कहा कि दलितों और आदिवासियों पर अत्याचार के मामलों पर एक कानून के मूल प्रावधानों को बहाल करने के लिए सरकार ने अध्यादेश तैयार रखा है। लेकिन वह अपनी पुनर्विचार अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार करेगी। इस संबध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लगभग सभी प्रमुख पार्टियों ने कहा था कि इससे कानून कमजोर हुआ है।

एनआरआइ पुरुषों द्वारा भारत में शादी करने के बाद पत्नियों को छोड़कर चले जाने की समस्या पर अंकुश लगाने के कानूनी उपायों पर चर्चा के लिए बुधवार को ही गृह मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में दूसरे मंत्री समूह ने भी बैठक की। केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्रालय के अनुसार एनआरआइ पुरुषों से शादी के बाद परेशानी का सामना कर रही महिलाओं को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है। महिला व बाल विकास मंत्रालय ने कहा कि हम एनआरआइ पुरुषों से शादी के बाद परेशानी का सामना कर रही महिलाओं को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। हाल ही में महिला व बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा था कि एनआरआइ पुरुषों को भारत में शादी करने के 48 घंटे के भीतर विवाह का पंजीकरण कराना होगा और ऐसा नहीं करने पर पासपोर्ट व वीजा जारी नहीं किए जाएंगे।

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