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सत्यपाल मलिक बनाए गए जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल

सत्यपाल मलिक अब जम्मू-कश्मीर के नए राज्यपाल होंगे। बिहार में उनकी जगह लालजी टंडन को राज्यपाल बनाया गया है। मलिक की नियुक्ति को आतंकवाद से पीड़ित जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक प्रक्रिया की नए सिरे से बहाली की केंद्र सरकार की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

Author नई दिल्ली, 21 अगस्त। | August 22, 2018 6:45 AM
मलिक की नियुक्ति को आतंकवाद से पीड़ित जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक प्रक्रिया की नए सिरे से बहाली की केंद्र सरकार की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

सत्यपाल मलिक अब जम्मू-कश्मीर के नए राज्यपाल होंगे। बिहार में उनकी जगह लालजी टंडन को राज्यपाल बनाया गया है। मलिक की नियुक्ति को आतंकवाद से पीड़ित जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक प्रक्रिया की नए सिरे से बहाली की केंद्र सरकार की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। चौधरी चरण सिंह के साथ अपनी सियासत की शुरुआत करने वाले मलिक वीपी सिंह की सरकार में मंत्री थे। मुफ्ती मोहम्मद सईद से भी उनके नजदीकी रिश्ते रहे हैं। महबूबा मुफ्ती की सरकार के पतन के बाद से जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लागू है।

अभी तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल का जिम्मा रिटायर नौकरशाह 82 साल के नरेंद्र नाथ वोहरा के पास था। वे 2008 में इस सूबे के राज्यपाल बनाए गए थे। सूबे के राजनीतिक दलों की तरफ से यह सुझाव लगातार दिया जा रहा था कि नौकरशाह या फौजी अफसर के बजाय यहां किसी राजनीतिक व्यक्ति को राज्यपाल बनाया जाना माहौल को बेहतर बना सकता है। बिहार में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी रहे लालजी टंडन को राज्यपाल बनाया गया है। उनके पुत्र गोपाल टंडन इस समय उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मंत्री हैं। टंडन को वाजपेयी के करीबी होने का इनाम मिला है। हरियाणा में सत्यदेव नारायण आर्य को और उत्तराखंड में बेबी रानी मौर्य को राज्यपाल बनाकर राजग सरकार ने दलितों को अहमियत देने का संकेत दिया है।

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बेबी रानी आगरा की हैं और आर्य बिहार के राजगीर इलाके के। उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों राज्यों में ही दलितों की खासी आबादी है। इन नियुक्तियों को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हरियाणा से हटाए गए कप्तान सिंह सालंकी अब त्रिपुरा के राज्यपाल होंगे। त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत राय को मेघालय के राजभवन का जिम्मा मिला है। जबकि मेघालय के राज्यपाल गंगा प्रसाद चौरासिया को सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है। इस तरह नए राज्यपाल तीन ही यानी सत्यदेव नारायण आर्य, लालजी टंडन और बेबी रानी मौर्य बनाए गए हैं। दरअसल बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद के राष्टÑपति बन जाने के बाद देश के किसी भी राज्य में अनुसूचित जाति का कोई राज्यपाल नहीं था। अब एक साथ इस तबके के दो राज्यपाल बनाकर भाजपा सरकार अपने विरोधियों के दलित विरोधी होने के आरोप का करारा जवाब दे पाएगी।

जिन राज्यों में राज्यपाल बदले गए हैं उनमें जम्मू-कश्मीर को छोड़कर ज्यादातर जगहों पर भाजपा की अपनी सरकार है या फिर भाजपा सत्ता में भागीदार है। जम्मू-कश्मीर की विधानसभा फिलहाल निलंबित है। यह देश का अकेला राज्य है जहां विधानसभा का कार्यकाल छह साल है। इस नाते मलिक राज्यपाल की भूमिका में राज्य में फिर निर्वाचित सरकार के गठन की प्रक्रिया को अंजाम दे सकते हैं। सत्यदेव नारायण और बेबी रानी को राज्यपाली देकर राजग सरकार ने दलितों को अहमियत देने का संकेत दिया है। बेबी रानी आगरा की हैं और आर्य बिहार के राजगीर इलाके के। उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों राज्यों में ही दलितों की खासी आबादी है। इन नियुक्तियों को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

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