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आयकर अधिकारी बनकर आए लुटेरे पकड़े गए

लुटेरों ने पहचान पत्र दिखाते हुए आरोपियों ने घर के सभी लोगों को अपने कब्जे में ले लिया। सभी के मोबाइल फोन जब्त करने के साथ ही घर के फोन के लाइन भी काट दी।

Author नई दिल्ली | Published on: September 18, 2017 5:11 AM
इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

दक्षिणी दिल्ली के पॉश इलाके मालवीयनगर में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब आयकर अधिकारी बनकर लुटेरों ने व्यापारी के घर से 20 लाख रुपए लूट कर फरार हो गए। लुटेरों को परिजनों की सूझबूझ और स्थानीय लोगों की भीड़ ने दबोच लिया। दो व्यक्ति फरार होने में सफल हो गए। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा मचाया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 170, 364, 451, 468, 471, 384, 411, 323, 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इनके कब्जे से एक होंडा सिटी कार और टाटा सफारी बरामद की गई है। बदमाशों की पहचान मितेश, नौनियाल, योगेंद्र कुमार, गोविंद शर्मा, अमित अग्रवाल, परविंदर के रूप में हुई है। मितेश खुद आयकर विभाग में सहायक आयुक्त बताया था।

लुटेरों ने पहचान पत्र दिखाते हुए आरोपियों ने घर के सभी लोगों को अपने कब्जे में ले लिया। सभी के मोबाइल फोन जब्त करने के साथ ही घर के फोन के लाइन भी काट दी। लुटेरों ने घर में रखे 20 लाख रुपए नगदी और जेवरात जब्त कर लिए। पर उसी दौरान एक पड़ोसी घर में पहुंचा और उनसे पूछताछ शुरू कर दी। थोड़ी देर में उन लोगों की पोल खुल गई। अपने को फंसता देख वह भागने लगे पर बाहर खड़े लोगों की भीड़ ने उन्हें दबोच लिया और जमकर पिटाई कर दी।

आयकर विभाग की छापेमारी का झांसा देकर परिवार को किया नजरबंद
मालवीयनगर इलाके के बी-एक ब्लॉक के 26 नंबर मकान में दिनेश चंद्र आहूजा अपने परिवार के साथ रहते हैं। रविवार सुबह करीब नौ बजे हर रोज की तरह बॉबी पैदल अपनी दुकान के लिए घर से निकले थे। तभी एक सफारी और एक होंडा सिटी कार में सवार सात लोग वहां पहुंचे। उनमें से एक ने बॉबी को अपना आयकर विभाग का आइकार्ड दिखाते हुए कहा कि उनके घर पर आयकर विभाग की ओर से रेड डालने का आदेश है।  इसके बाद उन सात लोगों में से पांच उसे लेकर घर के अंदर चले गए। वहीं दो बाहर होंडा सिटी कार में बैठे रहे। घर के अंदर पहुंच उन लोगों ने घर के सभी लोगों को डायनिंग हॉल में एक जगह पर बैठा दिया। सभी के मोबाइल फोन ले लिए और बेसिक फोन का कनेक्शन काट दिया। इसके बाद घर की तलाशी शुरू कर दी। उस दौरान उन लोगों ने घर के आलमारी व अन्य स्थानों पर रखे कीमती सामान और करीब 20 लाख रुपए नकदी निकाल लिए। आरोपी बार-बार उन्हें आयकर की चोरी के आरोप में सारे रुपए जब्त करने के साथ ही गिरतार करने की धमकी दे रहे थे।

पड़ोसियों की सूझबूझ से लुटेरे हुए नाकामयाब
इधर, आयकर विभाग के छापेमारी की जानकारी मिलते ही आस-पड़ोस के लोगों के साथ ही दिनेश चंद्र अहूजा की दुकान में काम करने वाले कर्मचारी भी वहां पहुंच गए। इसी दौरान उनके पड़ोस में रहने वाले संजीव रॉव ने आयकर विभाग में अपने पहचान के लोगों को फोन किया। उनसे पूछा कि जो टीम आई है वह असली है या नकली? इसके बाद आरडब्लूए अध्यक्ष संजीव राव ने पीसीआर में फोन कर दिया। लुटेरों से आइकार्ड की मांग की गई लेकिन एक को छोड़ किसी ने भी आइकार्ड नहीं दिखाया। जब संजीव ने अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की तो पहले तो उन लोगों ने उन्हें सरकारी काम में बाधा डालने की बात कह कर गिरफ्तार करने की धमकी दी। जब संजीव तब भी नहीं माने तो फर्जी आयकर अधिकारी रुपए से भरा बैग लेकर भागने लगे। यह देख घर के लोगों ने शोर मचा दिया। जिस पर बाहर खड़े लोगों ने न सिर्फ उन्हें दबोच लिया बल्कि पिटाई भी कर दी। इधर, अपने साथियों को पिटता देख होंडा सिटी में बैठे दो लोग वहां से फरार हो गए।

 

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