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दवाओं की गड़बड़ी के लिए विक्रेता कंपनियों की जिम्मेदारी तय होगी, उम्रकैद की सजा तक का प्रावधान

बोर्ड की मंजूरी के बाद इस कानून का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा, जिसे जनता की राय के लिए सार्वजनिक किया जाएगा।

Author नई दिल्ली | May 21, 2018 5:01 AM
कानून का उल्लंघन करने पर छह महीने की जेल व अधिकतम उम्रकैद की सजा का प्रावधान है।

दवाओं की हर तरह की गड़बड़ी के लिए जल्द ही दवा विक्रेता कंपनियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी। ड्रग एंड कॉस्मेटिक एडवाइजरी बोर्ड ने दवा निर्माताओं की तरह ही दवा की मार्केटिंग व ब्रांडिंग करने वाली कंपनियों को भी ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के दायरे में लाने के ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही इस कानून में संशोधन का काम शुरू हो गया है। इसके लिए इस आशय का मसविदा तैयार कर लोगों की राय लेकर कानून में बदलाव किया जाएगा।

दवा संबंधी किसी गड़बड़ी के लिए अभी तक किसी भी दवा विक्रेता कंपनी को जिम्मेदार नहीं माना गया और न ही कोई कार्रवाई की गई क्योंकि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था। लिहाजा दवा विक्रेता कंपनियां किसी भी गड़बड़ी का ठीकरा दवा निर्माता कंपनियों के सिर मढ़ कर साफ बच निकलती थीं। लेकिन अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन दवाओं के क्षेत्र में काम करने वाली देश की सर्वोच्च संस्था ड्रग एंड कॉस्मेटिक एडवाइजरी बोर्ड इस दिशा में काम कर रही है। अब दवा की गुणवत्ता में खराबी होने, इसका नकारात्मक असर होने या फिर बिना मंजूरी दवा निर्माण के मामले में दवा निर्माता के साथ ही इसे बेचने वाली कंपनी को भी कानून के दायरे में लाया जाएगा।

इस कानून के जरिए दवा और कॉस्मेटिक उत्पादों की मार्केटिंग करने वाली कंपनियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा, जिसके बाद दवा से लेकर क्रीम, पाउडर, हेयर डाई सहित तमाम सौंदर्य प्रसाधनों की गुणवत्ता खराब होने पर मार्केटिंग कंपनियों को भी दोषी माना जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे नागरिक संगठनों की अपील पर ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने बोर्ड के सामने यह प्रस्ताव रखा था।

उम्रकैद की सजा तक का प्रावधान

बोर्ड की मंजूरी के बाद इस कानून का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा, जिसे जनता की राय के लिए सार्वजनिक किया जाएगा। जनता की राय के आधार पर मसविदे को दुरुस्त कर केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद इस बारे में अधिसूचना जारी कर ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 में बदलाव कर दिया जाएगा। इसके तहत दवा विक्रेता कंपनियों को भी शामिल किया जाएगा। कानून का उल्लंघन करने पर छह महीने की जेल व अधिकतम उम्रकैद की सजा का प्रावधान है। जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

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