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दिल्ली: स्कूल ने रेप पीड़ित छात्रा पर डाला नाम कटाने का दवाब, कहा – उसके रोज आने से माहौल खराब होता है

इस मामले की शिकायत पीड़िता के परिजनों ने दिल्ली महिला आयोग में दर्ज कराई है।
Author नई दिल्ली | April 28, 2017 13:01 pm
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

अक्सर ऐसा देखा जाता है कि रेप और गैंगरेप की शिकार महिलाओं को समाज के लोग ताने मार-मारकर खुदकुशी करने पर मजबूर कर देते। अपने साथ हुई घटना से पीड़िता उभर भी नहीं पाती की लोग उसे ही घटना का जिम्मेदार ठहराने लगते है। ऐसा ही कुछ देश की राजधानी दिल्ली में देखने को मिला। यहां का एक स्कूल रेप पीड़िता पर दवाब बना रहा है कि वह स्कूल से अपना नाम कटवा ले क्योंकि उसकी वजह से स्कूल का माहौल खराब होता है। इतना ही नहीं स्कूल प्रिंसिपल का कहना है कि रेप पीड़िता के स्कूल आने से स्कूल की बदनामी होती है। इस मामले की शिकायत पीड़िता के परिजनों ने दिल्ली महिला आयोग में दर्ज कराई है।

इस मामले की शिकायत मिलते ही आयोग द्वारा शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर इस मामले पर कार्रवाई करने के लिए कहा गया। परिजनों द्वारा आयोग में की गई शिकायत के अनुसार पीड़िता दसवीं कक्षा में पढ़ती है। हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार स्कूल प्रशासन का कहना है कि अगर वह स्कूल आना छोड़ देगी तो उसे 11वीं कक्षा में बिना परीक्षा दिए ही भेज दिया जाएगा। आयोग ने स्कूल के नाम का खुलासा नहीं किया है क्योंकि वे लड़की की पहचान को गुप्त रखना चाहते है। इस बारे में स्कूल प्रशासन द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि वह लड़की की सुरक्षा की कोई जिम्मेदारी नहीं ले सकते है। बता दें कि लड़की को अगवाकर उसके साथ रेप किया गया था और उसे चलती कार से फेंक दिया था।

परिजनों की शिकायत के अनुसार प्रिंसिपल अन्य छात्रों को पीड़िता के साथ बैठने से मना करता है। स्कूल प्रशासन ने लड़की के स्कूल बस से आने-जाने पर भी रोक लगा दी है, इसलिए उसके परिजन खुद उसे स्कूल छोड़कर और घर वापस लेकर आते है। इस मामले पर बात करते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है। लड़की को स्कूल प्रशासन द्वारा उस घटना की सजा दी जा रही है जिसमें उसकी कोई गलती नहीं है। इस तरह के व्यवहार को बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

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