ताज़ा खबर
 

रामजस विवाद: पुलिस रिपोर्ट में डीयू के 5 प्रफेसरों पर आजादी के नारे लगाने का आरोप

यह नारे आरएसएस की स्टूडेंट विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के खिलाफ लगाए जा रहे थे।
रामजस कॉलेज के छात्र मंगलवार (28 फरवरी) को नॉर्थ कैम्पस में एबीवीपी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए। ( Photo Source: PTI)

रामजस कॉलेज में आजादी के नारे लगाने के विवाद में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने आजादी के नारे लगाने वाले ग्रुप का नेतृत्व करने का आरोप दिल्ली विश्वविद्यालय के पांच प्रफेसरों पर लगाया है। इन नारों को लगाने के बाद कैंपस में संघर्ष हो गया था। हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने इस घटना की रिपोर्ट अदालत के सामने प्रस्तुत करने से पहले बताया कि 21 फरवरी को स्टूडेंट्स का एक ग्रुप पांच प्रफेसरों के नेतृत्व में नारे लगाते हुए कॉन्फ्रेंस रूम से बाहर आ गया था। यह नारे आरएसएस की स्टूडेंट विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के खिलाफ लगाए जा रहे थे।

नौ पेज की रिपोर्ट के मुताबिक आजादी के नारे लगाने वाले ग्रुप का नेतृत्व प्रफेसर मुकुल मांगलिक, विनीता चंद्रा, देबराज मुखर्जी, एनए जैकब और बेनू लाल ने किया था। वो नारे थे, ‘हम क्या मांगे आजादी’, ‘कश्मीर मांगे आजादी’, ‘बस्तर मांगे आजादी’, ‘ये प्यारी प्यारी आजादी’, ‘ये सुंदर वाली आजादी’, ‘पुलिस तुम बाहर जाओ’, ‘हमारा उमर वापस लाओ’। इसमें कहा गया है कि इस ग्रुप ने उस दिन कैंपस में विरोध प्रदर्शन भी किया था।

पुलिस के आरोपों को खंडन करते हुए, प्रफेसर देबराज मुखर्जी ने बताया कि जब यह घटना हुई उस दौरान वह कॉन्फ्रेंस रूम में मौजूद ही नहीं थे। उन्होंने कहा कि वह न तो उस मार्च में शामिल हुए थे और न ही वहां मौजूद थे जहां आजादी के नारे लगाए लगा गए थे। कोर्ट के आदेश के मुताबिक ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) द्वारा फाइल की गई रिपोर्ट में प्रशासनिक स्टाफ और शिक्षकों को भी जांच के दायरे में रखा गया।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों के छात्रों और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों के 22 फरवरी को एबीवीपी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए रामजस कॉलेज के बाहर इकट्ठा होने के बाद हिंसा शुरू हुई। वे एबीवीपी सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे, जिन्होंने एक दिन पहले कॉन्फ्रेंस रूम में एक सेमिनार के लिए इकट्ठा हुए छात्रों पर पत्थर फेंके थे। इस सेमिनार में राजद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे उमर खालिद को भी आमंत्रित किया गया था। इस दौरान कई स्टूडेंट्स, जर्नलिस्ट और डीयू के असोसिएट प्रफेसर प्रशांता चक्रवर्ती घायल हो गए थे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.