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मोदी सरकार पर हमले तेज कर सकते हैं राहुल

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार को अपनी पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला तेज कर सकते हैं। मुख्यमंत्रियों का सम्मेलन ऐसे वक्त हो रहा है जब राहुल गांधी...

राहुल गांधी गैर भाजपा शासित राज्यों में पेश आ रही दिक्कतों और किसानों के संकट को लेकर वे केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार को अपनी पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला तेज कर सकते हैं। मुख्यमंत्रियों का सम्मेलन ऐसे वक्त हो रहा है जब राहुल गांधी ने भूमि अधिग्रहण विधेयक से लेकर रीयल इस्टेट विधेयक जैसे कई मुद्दों पर राजग सरकार की घेराबंदी की है। राहुल गांधी एक बार फिर शायद ‘सूट बूट की सरकार’ को निशाना बनाएंगे। विशेष तौर पर गैर भाजपा शासित राज्यों में पेश आ रही दिक्कतों और किसानों के संकट को लेकर वे केंद्र सरकार को घेरेंगे।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने हालांकि सम्मेलन का एजंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया है लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा कथित तौर पर सामाजिक क्षेत्र की अनदेखी और किसानों की समस्याओं के निदान में विफलता ऐसे कुछ मुद्दे हैं, जिन पर सम्मेलन में प्रमुखता से चर्चा हो सकती है। पिछले साल मई में हुए लोकसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने के बाद कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों का यह पहला सम्मेलन होगा। कांग्रेस अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, असम, मिजोरम, मणिपुर, कर्नाटक, केरल, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में सत्ता में है।

असम और केरल में विधानसभा चुनाव अगले साल प्रस्तावित हैं। ऐसे में कांग्रेस चुनावी रणनीति को लेकर सम्मेलन में चर्चा कर सकती है। पार्टी की 1998 से कमान संभाल रहीं अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुख्यमंत्रियों का सम्मेलन कराने की परंपरा शुरू की। उस समय कांग्रेस केंद्र में विपक्ष में थी। माउंट आबू, गुवाहाटी, दिल्ली और श्रीनगर में इस तरह के सम्मेलन हो चुके हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने सम्मेलन ऐसे वक्त में बुलाया है, जब सांगठनिक चुनाव और राहुल गांधी को पार्टी की कमान सौंपने में विलंब हुआ है।

राहुल को जनवरी 2013 में जयपुर चिंतन शिविर के दौरान पार्टी उपाध्यक्ष बनाया गया था। राहुल को पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने के बारे में कांग्रेस कार्यसमिति और अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी की बैठकों को लेकर पार्टी आलाकमान चुप्पी साधे हैं। हालांकि पार्टी का एक वर्ग मानता है कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद ऐसा हो सकता है। एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने बताया कि मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन से यह संदेश जा सकता है कि राहुल का अध्यक्ष बनना अब कुछ वक्त की बात है। अवकाश से लौटने के बाद राहुल लगातार मोदी सरकार पर हमला कर रहे हैं। विशेषकर किसानों के मुद्दे पर वे पूरी तरह आक्रामक हैं।

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