ताज़ा खबर
 

राष्ट्रपति चुनाव: विपक्ष की एकता में दीवार बन रहे अरविंद केजरीवाल!

कुछ विपक्षी नेताओं का मानना है कि आम आदमी पार्टी बिना शर्त विपक्षी राष्ट्रपति उम्मीदवार को समर्थन दे सकती है और किसानों के मुद्दों पर विरोध-प्रदर्शन कर भाजपा के खिलाफ अपने रुक को भी साफ कर सकती है।

दिल्ली में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की (source-ani)

कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विपक्ष की एकजुटता वाले खेमे में शामिल होने को लेकर विरोध किया है। कांग्रेस का विरोध ऐसे में समय में आया है जब आप प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी, सीपीएम प्रमुख सीताराम येचुरी और जेडीयू नेता शरद यादव से मिलकर हाल ही में इस खेमे में आने की गुजारिश की थी। वहीं कांग्रेस और एनसीपी सहित अन्य कई पार्टियों ने इसका विरोध किया है। कांग्रेस पार्टी अभी तक इस बात पर कामय है कि आम आदमी पार्टी ने आंदोलन के दिनों में अधिकतर पार्टियों के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया था। पार्टी का मानना है कि आप अब खुद को भाजपा से बचाने की कोशिश कर रही है।

वहीं विपक्ष के साथ केजरीवाल सहित अन्य आप नेताओं ने मीटिंग के बाद कहा कि विपक्षी राष्ट्रपति उम्मीदवार तय करने के साथ किसानों के मुद्दे पर एकजुट विपक्ष का साथ देने के लिए पार्टी तैयार है। इस दौरान आप ने दलील दी कि जब तृणमूल और सीपीएम, कांग्रेस, लेफ्ट, एसपी और बीएसपी जैसी विरोधी पार्टी राजनीतिक तौर पर एक साथ आ सकती हैं तो हम क्यों नहीं? वहीं काग्रेस नेताओं का मानना है कि आप के चार में से तीन सांसद पहले केजरीवाल के खिलाफ आ गए हैं। ऐसे में पार्टी के विपक्षी खेमे में शामिल होने के बाद भी राष्ट्रपति चुनाव में ज्यादा लाभ होने की संभावना कम ही नजर आ रही है। बता दें कांग्रेस आप को भाजपा की ‘बी’ बताती रही है। वहीं कुछ विपक्षी नेताओं का मानना है कि आम आदमी पार्टी बिना शर्त विपक्षी राष्ट्रपति उम्मीदवार को समर्थन दे सकती है और किसानों के मुद्दों पर विरोध-प्रदर्शन कर भाजपा के खिलाफ अपने रुक को भी साफ कर सकती है।

दूसरी तरफ राष्ट्रपति उम्मीदवार के ऐलान के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं की राय भी आपस बंटी हुई है। कुछ नेताओं का मानना है कि उन्हें भाजपा के कदम का इंतजार करना चाहिए कि वो किसे राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में चुनती है। इस मामले में कुछ विपक्षी नेताओं का कहना है कि विपक्ष को सत्तापक्ष से पहले ही अपने उम्मीदवार का ऐलान कर देना चाहिए। क्योंकि ये चुनाव होना तो तय है। बुधवार को राज्यसभा में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के दफ्तर में विपक्षी नेताओं की बैठक होने वाली है जिसमें किसानों और युवाओं की समस्याओं पर बातचीत की जाएगी। जानकारी के लिए बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव का नोटफिकेशन बुधवार को जारी किया जाएगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App