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दीक्षांत समारोह में बोले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद- पूर्व छात्र आइआइटी को आगे बढ़ाने में दें योगदान

कोविंद ने छात्रों से कहा कि आपकी सफलता में आपकी मेहनत के साथ-साथ परिवार के लोगों की तपस्या का भी योगदान है। इसके अलावा उन्होंने इन विद्यार्थियों की सफलता को आइआइटी के शिक्षकों की सफलता भी बताया।

Author नई दिल्ली | November 5, 2017 3:41 AM
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) दिल्ली में शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संस्थान के पूर्व विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए आइआइटी को आगे बढ़ाने में योगदान देने की बात कही। राष्ट्रपति आइआइटी दिल्ली के 48वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। दीक्षांत समारोह में 1941 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गर्इं। राष्ट्रपति स्वर्ण पदक बीटेक (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) के छात्र प्रेरित माथुर, निदेशक स्वर्ण पदक बीटेक-एमटेक (बायोकैमिकल इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी) की छात्रा योशिता अग्रवाल और परफेक्ट टेन स्वर्ण पदक एमटेक (मैकेनिकल डिजाइन) के छात्र लालवाला मितेश जयेशकुमार को दिया गया।

रामनाथ कोविंद ने पूर्व विद्यार्थियों से कहा कि जहां से आपने पढ़ाई की है, उस संस्थान के प्रति आपकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है। इसलिए आपको किसी न किसी रूप में उस संस्थान की मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आइआइटी दिल्ली के पूर्व छात्र दुनिया के बड़े विश्वविद्यालयों में पढ़ा रहे हैं। उन्हें यहां आकर भी पढ़ाना चाहिए, चाहे थोड़े समय के लिए ही। राष्ट्रपति ने आइआइटी प्रशासन से कहा कि अगर इस काम में कोई रुकावट आती है तो उसमें सुधार किया जाए। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ उनके परिजनों को भी शुभकामनाएं दीं। कोविंद ने छात्रों से कहा कि आपकी सफलता में आपकी मेहनत के साथ-साथ परिवार के लोगों की तपस्या का भी योगदान है। इसके अलावा उन्होंने इन विद्यार्थियों की सफलता को आइआइटी के शिक्षकों की सफलता भी बताया।

राष्ट्रपति ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि आइआइटी में शोध पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है, इसी का नतीजा है कि आइआइटी दिल्ली में इस बार उपाधि प्राप्त करने वालों में स्नातक से अधिक स्नातकोत्तर छात्रों की संख्या है। मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि आइआइटी के शोधकर्ता ऐसे उत्पाद बना रहे हैं जो आम लोगों के जीवन को बेहतर बना रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि आज हमारे साथ 50 नवोदय विद्यालयों के छात्र भी मौजूद हैं। मुझे उम्मीद है कि कुछ साल बाद इनमें से कुछ छात्र फ्रेशर के रूप में यहां आएंगे। राष्ट्रपति ने आइआइटी दिल्ली से वंचित बच्चों के एक स्कूल को गोद लेने के लिए भी कहा। आइआइटी दिल्ली बोर्ड आॅफ गवर्नर्स के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। पुदुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी, कॉर्नेल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सौमित्रा दत्ता, वोडाफोन इंडिया लिमिटेड के सीईओ व प्रबंधकीय निदेशक सुनील सूद और मिशन होल्डिंग्स के संस्थापक व चेयरमैन सौरभ मित्तल को ‘प्रतिष्ठित पूर्व छात्र 2017’ के सम्मान से सम्मानित किया गया। आइआइटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर वी रामगोपाल राव ने निदेशक रिपोर्ट पढ़ी जिसमें उन्होंने संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहली आइआइटी दिल्ली में पहली बार 300 से अधिक पीएचडी की उपाधि किसी एक दीक्षांत समारोह में दी जा रही हैं।

 

 

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