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राष्ट्रपति चाहते थे दरबार हॉल में गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथियों के लिए नहीं बिछाई जाए कालीन, खास थी वजह

राष्ट्रपति भवन के एक अधिकारी ने कहा कि लंच में सिर्फ अच्छे स्वाद का ही ख्याल नहीं रखना था, मेहमान खाना खाने के बावजूद भी ताजगी का एहसास कर सकें इसका ध्यान रखा गया था। राष्ट्रपति भवन के अधिकारी के मुताबिक यह इंडियन लंच जरूर था लेकिन इसका मिजाज दक्षिण पूर्व एशियाई था।

Author January 27, 2018 8:06 PM
राष्ट्रपति भवन में 69वें गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को आयोजित ‘एट होम’ कार्यक्रम में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद (फोटो-पीटीआई)

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद जब राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आसियान देशों के राष्ट्र प्रमुखों की आगवानी कर रहे थे, तो उन्होंने हॉल के फर्श पर बिछे लाल कालीन को उठवा दिया। गुरुवार (25 जनवरी) को राष्ट्रपति मेहमानों के स्वागत के लिए की जा रही तैयारियों का जायजा ले रहे थे। इस दौरान दरबार हॉल में सीढ़ियों से लगा हुआ फर्श पर एक कालीन बिछी हुई थी। जब राष्ट्रपति की नजर इस पर पड़ी तो उन्होंने इसे मोड़ने का निर्देश दिया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि विदेशी मेहमान दरबार हॉल के फर्श की शानदार कारीगरी को देख सकें। दरबार हॉल के फर्श पर बिछे संगमरमर वास्तु शिल्प का अदभुत नमुना है। राष्ट्रपति भवन के वेबसाइट पर जानकारी दी गई कि दरबार हॉल के फर्श पर बिछे हुए मार्बल और इस पर बनाई गई ज्यामीतिय आकृतियां इस हॉल के शान में इजाफा करती हैं। राष्ट्रपति भवन की वेबसाइट के मुताबिक, ‘यहां बिछाये गये सफेद संगमरमर मकराना और अलवर से मंगाये गये थे, जबकि ग्रे मार्बल मरवार से, हरे मार्बल बड़ौदा और अजमेर से और गुलाबी संगमरमर अलवर, मकराना और हरिपास से मंगाये गये थे।’ जबकि गहरे चॉकलेटी रंग का मार्बल को इटली से आयात किया गया था।

राष्ट्रपति भवन का दरबार हॉल (तस्वीर-rashtrapatisachivalaya.gov.in)

राष्ट्रपति भवन में मेहमानों के किये गये इंतजामों में छोटी-छोटी चीजों का भी ध्यान रखा गया था। द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक जब आसियान देशों के नेता बैंक्वेट हॉल में भोजन कर रहे होंगे तो इस दौरान कौन सा गाना बजेगा इसके लिए सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों और उनके राजदूतों से गानों की फरमाइश मांगी गई थी। इस पर म्यांमार, ब्रुनेई और इंडोनेशिया की ओर से जवाब भी आया था। म्यांमार के एक अधिकारी ने फिल्म धूम के गाने ‘धूम मचा दे धूम’ की फरमाइश की थी।

10 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की मेजबानी के लिए राष्ट्रपति भवन ने पूरी तैयारी की थी। राष्ट्रपति भवन के एक अधिकारी ने कहा कि लंच में सिर्फ अच्छे स्वाद का ही ख्याल नहीं रखना था, मेहमान खाना खाने के बावजूद भी ताजगी का एहसास कर सकें इसका ध्यान रखा गया था। राष्ट्रपति भवन के अधिकारी के मुताबिक यह इंडियन लंच जरूर था लेकिन इसका मिजाज दक्षिण पूर्व एशियाई था, इसलिए प्रॉन और करी में लेमन ग्रास का खूब इस्तेमाल किया गया था। यहां यह भी ध्यान रखना जरूरी था कि भोजन ज्यादा गरिष्ठ, भारी और मसालेदार ना हो, क्योंकि खाने के तुरंत बाद मेहमानों को कई मीटिंग में जाना था।

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