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राष्ट्रपति भवन में काफी कुछ किया जाना है: प्रणब मुखर्जी

राष्ट्रपति भवन को जनता के नजदीक लाने के लिए कई तरह की पहल करने वाले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रपति भवन में काफी कुछ किया जाना है..

राष्ट्रपति भवन को जनता के नजदीक लाने के लिए कई तरह की पहल करने वाले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रपति भवन में काफी कुछ किया जाना है। उन्होंने राष्ट्रपति के तौर पर तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है और चौथे वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं।

प्रणब मुखर्जी ने कहा कि लोगों से जुड़े काम करने का विचार उनका था और इसी कारण उन्होंने ‘स्वच्छ भारत’ और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी सरकारी योजनाओं को रायसीना हिल्स के विस्तृत परिसर में लागू करने का निर्णय किया। एक पुराने भवन का पुनर्निर्माण करने के बाद एस्टेट के अंदर आयुष केंद्र का उद्घाटन करने के बाद मुखर्जी ने कहा- लेकिन मैंने यह पाया कि यहां काफी कुछ किया जा सकता है, क्योंकि यहां करीब सात हजार लोग और उनके परिवार रह रहे हैं। उनके लिए कई सुविधाएं दी जा सकती हैं।

प्रणब ने 25 जुलाई 2012 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी और इस पद पर उन्होंने तीन साल पूरे किए हैं। इस दौरान राष्ट्रपति भवन की धरोहरों के संरक्षण के विशेष उपाय से लेकर इसे देखने वाले आगंतुकों के लिए प्रवेश सुलभ बनाने सहित कई नए कदम उठाए गए।

मुखर्जी ने कहा- इसलिए सरकार जो भी कार्यक्रम शुरू करती है, मैंने तुरंत उन्हें लागू करने का निर्णय किया। प्रणब मुखर्जी ने कहा कि उनका विचार है कि सरकारी योजनाओं का प्रयोग भवन में किया जा सकता है और इससे कुछ प्रतिकृति मॉडल विकसित किए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भवन के अंदर शुरू किए गए क्रियाकलापों का सरकारी मंत्रालय पूरे दिल से समर्थन करते हैं। राष्ट्रपति ने भवन के अंदर अपनी टीम और लोक निर्माण विभाग के कर्मियों की रिकॉर्ड समय में कल्याणकारी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए प्रशंसा की और कहा कि एस्टेट की हरियाली और समृद्ध विरासत को बाधित किए बगैर ये काम किए गए।

इससे पहले मुखर्जी ने अपनी तरह के पहले आयुर्वेद, योग और नेचुरोपैथी, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (आयुष) केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र लंबे समय से जर्जर हालत में था। राष्ट्रपति की सचिव ओमिता पॉल ने कहा कि केंद्र एस्टेट के परिवारों और परिसर में रहने वाले दूसरे लोगों की सेवा करेगा।

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