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प्रकाश जावडेकर ने संसद में कहा- JNU में हो रहा है UGC प्रावधानों का उल्लंघन

जावडेकर राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पीएचडी और जेएनयू से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे।

Author March 23, 2017 19:16 pm
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि एक अदालत ने आदेश दिया है कि यूजीसी के मानदंड जेएनयू में भी लागू होने चाहिए। (photo source – PTI)

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने आज कहा कि जेएनयू में ऐसे उदाहरण भी थे जहां एक प्रोफेसर 20-25 रिसर्च स्कॉलरों को गाइड कर रहे थे जबकि यूजीसी के प्रावधानों के अनुसार एक प्रोफेसर आठ रिसर्च स्कॉलरों को ही गाइड कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक अदालत ने कहा है कि विश्वविद्यालय को यूजीसी के प्रावधानों को लागू करना चाहिए।
जावडेकर राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पीएचडी और जेएनयू से जुडे सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि यूजीसी प्रावधानों के अनुसार एक प्रोफेसर आठ छात्रों को गाइड कर सकते हैं जबकि एसोसिएट प्रोफेसर छह और असिस्टेंट प्रोफेसर चार स्कालरों को गाइड कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों में यह संख्या और भी कम है लेकिन भारत में हम अधिक संख्या में पीएचडी चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि एक अदालत ने आदेश दिया है कि यूजीसी के मानदंड जेएनयू में भी लागू होने चाहिए। जेएनयू में पीएचडी की संख्या में कमी आने की सदस्यों द्वारा जतायी गयी आशंका पर जावडेकर ने कहा कि शिक्षकों के खाली पदों को जल्दी ही भरा जाएगा और इससे रिसर्च स्कालरों की संख्या में वृद्धि हो सकेगी। इससे पहले मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि 2013-14 में 23861 स्कालरों को पीएचडी मिली लेकिन 2014-15 में इसमें कमी दर्ज की गयी और यह संख्या 21,830 हो गयी। लेकिन 2015-16 में यह बढ़कर 24,171 हो गयी।

स्कालरशिप के बारे में सदस्यों द्वारा जतायी गयी चिंता पर पांडेय ने कहा कि ऐसी शिकायतों के निराकरण के लिए यूजीसी ने एक पोर्टल शुरू किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इसकी राशि में 55 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

बता दें जेएनयूएसयू ने जनमत संग्रह कराया गया था, जिसके बाद बयान जारी करके जेएनयूएसयू ने कहा कि, ”निकायों के सभी प्रावधानों का उल्लंघन कर प्रशासन द्वारा पिछले साल मई में जारी यूजीसी गजट को एकतरफा लागू करने पर एक जनमत संग्रह कराया गया। इसमें 3455 छात्रों ने हिस्सा लिया और उनमें से 98.35 प्रतिशत ने गजट के खिलाफ वोट किया।”

राज्यसभा में बोलते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि जेएनयू में कई ऐसे उदारहण मिले हैं जहां एक प्रोफेसर 20-25 रिसर्च स्कॉलरों को गाइड कर रहे थे जबकि यूजीसी के प्रावधानों के अनुसार एक प्रोफेसर आठ रिसर्च स्कॉलरों को ही गाइड कर सकते हैं।

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