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भारतीय उच्च शिक्षा आयोग के मसविदे मांगी लोगों की राय

केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के स्थान पर भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (एचईसीआइ) बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ा दिया है।

Author नई दिल्ली, 27 जून। | Published on: June 28, 2018 5:52 AM
एचईसीआइ को कई तरह की शक्तियां भी प्रदान की जाएंगी।

केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के स्थान पर भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (एचईसीआइ) बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ा दिया है। मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय की ओर से तैयार भारतीय उच्च शिक्षा आयोग अधिनियम के मसविदा को सुझाव के लिए लोगों के बीच रखा गया है। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सभी शिक्षाविदों, हितधारकों और आम लोगों से इस मसविदे पर सात जुलाई तक सुझाव देने को कहा है। अधिनियम का मसविदा सरकार की नियामक प्रणाली में सुधार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। इसमें शिक्षा प्रणाली के समग्र विकास और अधिक स्वायत्तता देने पर जोर दिया गया है।

इसमें मुख्य रूप से गैरजरूरी पड़ताल की व्यवस्था को खत्म कर मेधा के आधार पर फैसले लेने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है। इसमें एचईसीआइ को अकादमिक स्तर को बेहतर बनाने और पढ़ाई पर खास ध्यान देने पर जोर दिया गया है। इसमें लर्निंग आउटकम पर ध्यान देने, संस्थानों की ओर से अकादमिक प्रदर्शन का मूल्यांकन, शिक्षकों का प्रशिक्षण, शैक्षिक तकनीक को बढ़ावा देने आदि का काम किया जाएगा। एचईसीआइ संस्थानों को खोलने और उन्हें बंद करने के मानक बनाने के साथ-साथ उनके महत्त्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति के मानक भी बनाएगा।

एचईसीआइ को कई तरह की शक्तियां भी प्रदान की जाएंगी। इसके तहत आयोग फर्जी और मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले संस्थानों को बंद करने का आदेश दे सकता है। ऐसा नहीं करने पर जेल या जुर्माना किया जा सकेगा। नया आयोग शोध, पठन और पाठन की नई तकनीकी अपनाने वाले संस्थानों को प्रोत्साहित भी करेगा। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीई), राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षण परिषद (एनसीटीई) जैसे नियामकों के अध्यक्षों को आयोग में शामिल कर इसके संविधान को और ताकत दी गई है। आयोग का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ऐसे विद्वानों को बनाया जाएगा जो शोध और अकादमिक क्षेत्र में महारथ रखते हों और उनमें नेतृत्व क्षमता भी हो। आयोग को सलाह देने के लिए एक सलाहकार परिषद भी बनाई जाएगी। इसमें राज्यों की उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष शामिल होंगे। मानव संसाधन विकास मंत्री इसके अध्यक्ष होंगे। उच्च शिक्षा में सुधार की कवायद के तहत कई कदम पहले भी उठाए गए हैं। इसमें नैक सुधार, विश्वविद्यालयों को ग्रेड के अनुरूप स्वायत्तता संबंधी नियमन, कॉलेजों को स्वायत्त दर्जा देने, दूरस्थ शिक्षा के लिए नियमन, आॅनलाइन डिग्रियों के नियमन जैसे कदम शामिल हैं।

यूजीसी का विकल्प

’एचईसीआइ को कई तरह की शक्तियां भी प्रदान की जाएंगी। ’इसके तहत आयोग फर्जी और मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले संस्थानों को बंद करने का आदेश दे सकता है। ’ऐसा नहीं करने पर जेल या जुर्माना किया जा सकेगा। ’नया आयोग शोध, पठन और पाठन की नई तकनीकी अपनाने वाले संस्थानों को प्रोत्साहित भी करेगा।

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