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घर के कमरे में कैद मां-बेटी को पुलिस ने मुक्त कराया, चार साल पहले खुद को कर लिया था बंद

पहले तो उन्होंने पुलिस के साथ अस्पताल जाने से मना कर दिया लेकिन बहुत कोशिश करने के बाद उन्हें अस्पताल भेजा गया।

Author नई दिल्ली | March 23, 2017 17:00 pm
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

पिछले कई साल से एक घर में कैद मां-बेटी को दिल्ली पुलिस ने मुक्त कराया है। यह मामला दक्षिणी-पश्चिमी दिल्ली के महावीर एंकलेव इलाके का जहां पर बुधवार को पुलिस ने दोनों को घर के एक कमरे से निकाला। यह मामला उस समय सामने आया जब एक स्थानीय निवासी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 42 वर्षीय कलावती और उसकी 20 साल की बेटी दीपा ने अपने घर के पहले थल के एक कमरे में खुद को बंद किया हुआ था। दोनों ने चार साल पहले खुद को कैद कर लिया था। दोनों को बाहर निकालने के बाद उन्हें इलाज के लिए आईबीएचएएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पहले तो उन्होंने पुलिस के साथ अस्पताल जाने से मना कर दिया लेकिन बहुत ही कोशिश करने के बाद उन्हें अस्पताल भेजा गया। अधिकारी ने बताया कि इतने साल से बंद रहने के कारण उन्हें सही मात्रा में आहार नहीं मिल रहा था जिसके कारण वे कुपोषण का शिकार हो गई हैं। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने कमरे को खोला तो वे दोनों बहुत ही अस्वच्छ स्थिती में थीं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि दोनों मानसिक रुप से बीमार हैं। इस मामले में पुलिस कलावती के ससुर महावीर मिश्रा से पूछताछ कर रही है क्योंकि मिश्रा भी उसी घर में रहते हैं। मिश्रा ने पुलिस को बताया कि सन् 2000 में उसकी बीवी का देहांत हो गया था और चार साल पहले एक सड़क दुर्घटना में उसके दोनों बेटों की मौत हो गई थी।

मिश्रा ने पुलिस से कहा कि तभी से दोनों ने खुद को कमरे में बंद करके रखा हुआ था। उन्होंने बताया कि वह दिन में एक बार उन्हें खाना देते थे जब वह खुद खाना मांगती थीं। इसके बाद उन्होंने कहा कि वह एमटीएनएल में एक लाइनमैन का काम करते थे लेकिन अब वह रिटायर हो चुके हैं और उन्हें जो पेंशन मिलती है उसी से वे घर का खर्चा चलाते हैं।

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