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गश्त कर रहे ट्रैफिक कांस्टेबल को ट्रक ने कुचला, मौत

नंदनगरी में हुए तिहरे हत्याकांड के पीड़ित एक और व्यक्ति ने अस्पताल में दम तोड़ दिया है।
Author नई दिल्ली | September 26, 2016 02:59 am
इस तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रतीक के तौर पर किया गया है।

आजादपुर इलाके में गश्त कर रहे एक ट्रैफिक कांस्टेबल की तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि अशोक विहार ट्रैफिक सर्किल में तैनात 27 साल के रविंद्र सिंह नरेला पुलिस कालोनी में परिवार के साथ रहते थे। रविवार दोपहर वह अपनी सरकारी मोटरसाइकिल से ड्यूटी कर रहे थे तभी आजादपुर इलाके में तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। घायल हालत में उन्हें पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रविंद्र के घर में पत्नी और एक साल का बेटा है। पुलिस ने ट्रक चालक प्रमोद सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। वह दिल्ली के पंजाबी बाग की जेजे कालोनी में रहता है। मूल रूप से वह हरियाणा के भिवानी का रहने वाला है।

नंदनगरी हत्याकांड में एक और की मौत, संख्या हुई चार

नंदनगरी में हुए तिहरे हत्याकांड के पीड़ित एक और व्यक्ति ने अस्पताल में दम तोड़ दिया है। लेनदेन में ससुर, साले और साढ़ू की हत्या के बाद एक बार फिर इलाके में रविवार को तब हंगामा मचा जब 28 साल के तरुण की शनिवार देर रात अस्पताल में हुई मौत के बाद उसका शव रविवार को घर लाया गया। बीते सोमवार की रात हुए इस जघन्य हत्याकांड का आरोपी राजेश अभी भी अस्पताल में भर्ती है। मामले में वहीं मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी 40 साल के राजेश की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस अब तक उसका बयान दर्ज नहीं कर पाई है।

नंदनगरी के ई-ब्लॉक में सनकी राजेश ने सोते हुए ससुर राम किशन, साले राजू और साढ़ू किरणपाल के सिर पर सिलबट्टे से हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। इसके साथ उसने दूसरे साढू तरुण और करण पर भी हमला किया था। इन दोनों को घायल अवस्था में गुरु तेगबहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हमले के बाद राजेश फरार होने की कोशिश में पहली मंजिल से कूद गया था और घायल हो गया था।

पुलिस के मुताबिक, राजेश फिलहाल बयान देने की स्थिति में नहीं है। परिजनों से पूछताछ पूरी हो चुकी है। आरोपी के बयान के बाद ही हत्याकांड के मूल कारणों का पता चल सकेगा। रामकिशन दिल्ली नगर निगम से सेवानिवृत्त थे। उन्होंने तीनों बेटियों की शादी कर दी थी। पैसे के लालच ने दामाद राजेश को खूनी बना दिया और उसने सभी को बुलाकर मामला सुलझाने के नाम पर चार लोगों की हत्या कर दी।

 

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