ताज़ा खबर
 

मेट्रो के बढ़े किराए पर और बढ़ती लोगों की नाराजगी

मेट्रो के किराए में मनमानी बढ़ोतरी के खिलाफ लोगों की नाराजगी और विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

Author नई दिल्ली | Published on: May 21, 2017 4:24 AM
दिल्ली मेट्रो।

मेट्रो के किराए में मनमानी बढ़ोतरी के खिलाफ लोगों की नाराजगी और विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्या युवा, क्या कामगार, सभी इसके खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं। इसके बावजूद इस मुद्दे पर न तो केंद्र सरकार और न ही दिल्ली सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया आ रही है, न ही कोई भरोसा कि किराया वापस होगा। और तो और लोगों को बेहतर सेवा व सुविधाएं देने के नाम पर वोट मांगने वाले नेता भी इस मामले में मूक दर्शक बने हुए हैं। लिहाजा अब आंदोलनकारियों ने इन्ही नेताओं को निशाना बनाने की ठान ली है।

दिल्ली मेट्रो यात्री संघ व क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) दोनों के कार्यकर्ताओं ने फैसला किया है कि वे साथ मिलकर किराया बढ़ोतरी पर चुप्पी के खिलाफ विधायकों और सांसदों का घेराव करेंगे। इससे पहले दोनों संगठनों ने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था। दिल्ली की जनता मेट्रो के किराए के भारी बोझ से हलकान है और सरकारेंं अपने में मस्त हैं। दिल्ली सरकार की ओर से तो कोई कुछ बोला भी नहीं गया, मीडिया सलाहकार नागेंद्र ने सिर्फ इतना कह कर अपनी जिम्मदारी से पल्ला झाड़ लिया कि हमने तो मेट्रो से कहा था कि किराया बढ़ने से महिलाओं व बुजुर्गों पर असर पड़ेगा। केवाईएस के छात्र व डीएमसीए के कार्यकर्ता शनिवार को मेट्रो किराए में बढ़ोतरी के खिलाफ विभिन्न इलाकों में चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान में शामिल हुए। किराए में 66 फीसद की बढ़ोतरी के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान के तहत दिल्ली की जनता से पांच लाख हस्ताक्षर इकट्ठा कर शहरी विकास मंत्रालय में जमा किए जाएंगे। साथ ही केवाईएस कार्यकर्ता आने वाले दिनों में दिल्ली के विधायकों व सांसदों का घेराव कर उन पर इस जन-विरोधी फैसले को वापस करवाने का दबाव बनाएंगे।
केवाईएस का मानना है कि डीएमआरसी का यह फैसला जन विरोधी है क्योंकि किराया बढ़ोतरी का फैसला जनता के हितों को ध्यान में रखकर नहीं बल्कि ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए किया गया हैे।

मेट्रो में यात्रा करने वाला मजदूर वर्ग और छात्र पहले से ही मेट्रो के अधिक किराए को लेकर नाखुश थे, ऐसे में किराया बढ़ोतरी के इस फैसले से लोगों में और नाराजगी है। जहां मजदूर वर्ग और छात्रों के लिए सस्ती दर पर मेट्रो के रियायती पास की सुविधा लाई जानी चाहिए थी, वहीं इसके बदले किराया बढ़ाकर उन पर और बोझ डाल दिया गया है। सार्वजनिक परिवहन का किराया जनतांत्रिक रूप से आम जनता के साथ चर्चा कर तय किया जाना चाहिए न कि मुनाफा कमाने की होड़ में। केवाईएस के हरीश गौतम ने कहा कि उनका संगठन डीएमआरसी के किराया बढ़ोतरी के फैसले को वापस कराने के लिए जनता के बीच बड़ा आंदोलन शुरू करने का संकल्प लेता है।

 

मोदी सरकार के 3 साल: 61 प्रतिशत लोगों का कहना- 'सरकार उम्मीदों पर खरी उतरी'

Next Stories
1 केजरीवाल सरकार भूली आम आदमी कैंटीन का वादा: विजेंद्र गुप्ता
2 दुपट्टे से गला घोंट कर पति की हत्या, महिला गिरफ्तार
3 परंपराओं को तोड़ अपने साथ विवादों को जोड़ रही आप सरकार
ये पढ़ा क्या?
X