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ट्रेनें चल रही हैं घंटों देरी से, बहन की शादी या परीक्षा है लेकिन जरूरी नहीं कि वक्त पर पहुंच जाएं

जिसे बहन की शादी में जाना है वह इसलिए परेशान है कि ट्रेन पहुंचते हुए कहीं विदाई का वक्त न आ जाए।

special train for festival, business, train for festivalभारतीय रेल। (सांकेतिक तस्वीर)

जिसे बहन की शादी में जाना है वह इसलिए परेशान है कि ट्रेन पहुंचते हुए कहीं विदाई का वक्त न आ जाए। जिसकी परीक्षा है वह रेलवे प्लेटफॉर्म पर ही तैयारी कर रहा है। अगर आप समय को लेकर एक से लेकर डेढ़ दिन का अंतराल नहीं रख रहे हैं तो आप अपने तयशुदा काम करने से वंचित हो सकते हैं। कोहरे के कारण ट्रेनें 10 घंटे से लेकर 24 घंटे की देरी से चल रही हैं। पटना जा रहे अयोध्या शर्मा संपूर्ण क्रांति से यात्रा करने के लिए नई दिल्ली स्टेशन पहुंचे थे। स्टेशन पहुंच कर पता चला कि शाम साढ़े पांच बजे जाने वाली संपूर्ण क्रांति सुबह तीन बजे जाएगी। इससे परेशान होकर प्लेटफार्म नंबर 16 पर बैठे अयोध्या का कहना था कि घर पहुंचना बहुत जरूरी है। चचेरी बहन की शादी है। इसके लिए आज निकल गया ताकि किसी तरह उसकी शादी में पहुंच सकूं। उसकी शादी 12 को है और घर में बड़ा होने से शादी को लेकर कई तैयारियों में रहना जरूरी है।

इसलिए एक दिन पहले निकला। उनसे पूछने पर कि ट्रेन देरी से खुलेगी, कैसे जाएंगे, उनका कहना था कि अब तो जो कोई भी ट्रेन इस रूट की मिल जाएगी, उसी से निकल जाऊंगा। उन्होंने 2 दिसंबर से पटना से लौटने के बारे में बताया कि दिल्ली आने के लिए वहां से भी संपूर्ण क्रांति में टिकट कराया था। लेकिन दिल्ली पहुंचने के लिए दो और रेलगाड़ी बदली। तब जाकर अगले दिन रात 1 बजे तक पहुंचा। उन्होंने बताया कि पटना से संपूर्ण क्रांति के खुलने में चार घंटे की देरी थी। इस कारण आरक्षित टिकट रद्द कराया जिसमें 50 फीसद पैसा कटा। इसके बाद पटना देरी से पहुंची विक्रमशीला जो उस समय खुलने वाली थी, उसमें चढ़ने के लिए जनरल टिकट लिया और वो भी अगले दिन 4 बजे के करीब कानपुर पहुंची। उस समय कानपुर स्टेशन से रवाना हो रही रांची गरीब रथ में चढ़ गया जहां टीटीई को छह सौ रुपये दिए और उससे एक बजे रात में दिल्ली पहुंचा।

नई दिल्ली स्टेशन पर ट्रेनों की देरी से लोग मायूस दिख रहे थे। कोई म्यांमार से आकर गया जाने वाला था तो कोई बगल के हरियाणा से पटना परीक्षा देने जाना चाहता था। गौतम कुमार हरियाणा के यमुना नगर से पटना बीएसी प्रथम वर्ष का परीक्षा देने जाना चाहते थे। उनका 14 दिसंबर से परीक्षा शुरू था। उन्होंने भी संपूर्ण क्रांति में टिकट करा रखा था। उन्हें चिंता थी कि अभी पटना जाकर परीक्षा केंद्र का पता लगाना है और शरीर को भी आराम देना है ताकि परीक्षा आराम से दे सके। उसका कहना था कि मेरा तो टिकट है इसलिए संपूर्ण क्रांति से जाना मेरी मजबूरी भी है। उसने बताया कि बैग में कंबल है इसी को ओढ़कर रात में गाड़ी खुलने का इंतजार करूंगा। नई दिल्ली स्टेशन के एसी क्लास के यात्रियों के वेटिंग हॉल में शनिवार को शाम चार बजे के करीब चार्ज में लगा मोबाइल चोरी हो गया। सीमा हैदाराबाद जा रही थीं और उनके साथ सिर्फ उनकी आठ साल की बेटी थी। सीमा का कहना था कि बेटी के बगल में मोबाइल चार्ज में लगाई थी और थोड़ी देर देखी तो चार्जर लटक रहा था और मोबाइल गायब था। हालांकि जीआरपी ने मोबाइल चोरी को लेकर मामला दर्ज कर लिया है। लेकिन उनके लिए घर से संपर्क कर पाना मुश्किल हो रहा था क्योंकि उनके पास किसी का नंबर भी बचा हुआ नहीं था। जबकि नई दिल्ली स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के तीनों वेटिंग हॉल खचाखच भरे थे। जितने लोग कुर्सियों पर बैठे थे उनकी अपेक्षा ज्यादा लोग दीवार का सहारा ले बैठे हुए थे या खड़े थे।

वहीं सबसे अधिक किराया वसूलने वाली और कम समय में अपने गंतव्य पर पहुंचाने वाली राजधानियों में भुनेश्वर राजधानी करीब 10 घंटे की देरी से, हावड़ा राजधानी साढ़े छह घंटे की देरी से और सियालदह राजधानी करीब सात घंटे की देरी से अपने तय समय से रवाना हुई। जबकि छह शताब्दी और 25 मेल गाड़ियों को भी तय समय देरी से रवाना हुर्इं।

 

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