scorecardresearch

अस्पतालों में भटकते रहे मरीज, नहीं मिला समय पर इलाज

राजधानी में इलाज के लिए भटक रहे मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल का चक्कर कटवाया जा रहा है।

राजधानी में इलाज के लिए भटक रहे मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल का चक्कर कटवाया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन कोरोना महामारी व चिकित्सक की गैर मौजूदगी का बहाना देकर मरीजों को अस्पताल से भेज रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। खोड़ा निवासी मनीष के साथ रविवार सुबह लक्ष्मी नगर में सड़क दुर्घटना हो गई। इस दुर्घटना में उनकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई। मनीष बुरी तरह से घायल हो गए।

इलाज के लिए जब उन्हें जीटीबी अस्पताल ले जाया गया तो चिकित्सकों ने शुरुआती जांच करके अपने हाथ खड़े कर दिए और परिजनों को सफदरजंग अस्पताल जाने के लिए बोल दिया। सफदरजंग अस्पताल में मरीज के साथ लापवाही बरती गई। मरीज, अस्पताल के गलियारों में घंटों तक स्टेचर पर पड़ा रहा, काफी मशक्कत करने के बाद मरीज की जांच हुई। जिसके बाद चिकित्सकों ने परिजनों को दिल्ली एम्स ले जाने को कहा।

बुधवार को मरीज को एम्स ले जाया गया जहां उनके छोटे भाई को नेत्र आपातकाल विभाग ने मामला न्यूरो चिकित्सा का बता कर इलाज के लिए संस्थान के ट्रामा सेंटर जाने के लिए बोल दिया। एम्स ट्रामा सेंटर में उन्हे दो टूक जवाब दे दिया गया। मरीज से कहा गया कि यहां बिस्तर नहीं है, इसलिए भर्ती नहीं कर सकते। मरीज के परिजनों ने एक परिचित की मदद से दूसरे विभाग के डाक्टर से गुहार लगाई। उन डाक्टर की पहल से पता चला कि जो डाक्टर जांच करेंगे वे छुट्टी पर हैं दो दिन बाद आएंगे। हार कर परिजन मरीज को घर ले आएं।

वहीं एक करीब 21 साल की महिला को अचानक एक साल से दौरे पड़ने लगे। पहली बार स्थानीय अस्पताल में दिखाया लेकिन समुचित इलाज न मिल पाने से अब आए दिन दौरे पड़ने लगे हैं। मरीज के परिजन विरेंद्र ने बताया कि अब तो हालत यह है कि एक बार दौरा पड़ने के बाद कई घंटे तक होश नहीं आता। एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल चक्कर लगा कर थक गए हैं। वहीं, कई अंबेडकर, हेडगेवार व कई अन्य अस्पताल के चक्कर लगा कर सफदरजंग में खड़ी मरीज की परिजन गीता ने बताया कि उनकी मां को कैंसर है लेकिन अभी तक इलाज शुरू नहीं हो पाया है।

पढें नई दिल्ली (Newdelhi News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट

X