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एम्स में लाइव सर्जरी के दौरान गई मरीज की जान

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पिछले शुक्रवार (31 जुलाई) को लिवर पर सम्मेलन के दौरान शोभा राम के लिवर की सर्जरी का सीधा प्रसारण किया गया..

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पिछले शुक्रवार (31 जुलाई) को लिवर पर सम्मेलन के दौरान शोभा राम के लिवर की सर्जरी का सीधा प्रसारण किया गया। लेकिन सर्जरी करते वक्त सवाल-जवाब के व्यवधान में उलझे डॉक्टर मरीज की जान नहीं बचा सके।

सम्मेलन की अगुआई गैस्ट्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष कर रहे थे। सम्मेल कक्ष में देश-विदेश से आए डॉक्टर व मेडिकल के छात्र शामिल थे। लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के दौरान दर्शकों व सर्जन के बीच सवाल-जवाब का दौर भी चल रहा था। जापान से आए डॉक्टर एम्स के सहायक डॉक्टरों के साथ इस ‘लाइव सर्जरी’ को अंजाम दे रहे थे। स्क्रीन पर सब सामने था।

चार घंटे में सफलता नहीं मिली तो दर्शकों ने लैप्रोस्कोपी छोड़ कर ओपन सर्जरी किए जाने की सलाह दी। फिर भी लैप्रोस्कोपिक सर्जरी जारी रही। इसके एक घंटे बाद दर्शकों में हड़कंप मच गया। उनमें से कई एक साथ बोल पड़े-इसे ओपन कर ही देना चाहिए, खून बह रहा है। दूरबीन से सर्जरी की नाकाम कोशिश में जब मरीज को तेज रक्तस्राव होने लगा और ‘ओपन करें’ का शोर कांफ्रेंस हॉल में गूंजने लगा तब ओपन सर्जरी शुरू हुई। करीब सात घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान मरीज को भारी रक्तस्राव हुआ। हालत एकदम बिगड़ जाने पर आनन-फानन में पेट बंद करके आइसीयू में भर्ती किया गया। लेकिन तब तक मरीज दम तोड़ चुका था।

एम्स जैसे संस्थान में ऐसी लापरवाही के मामले में एम्स के निदेशक कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। गैस्ट्रो सर्जरी के डॉक्टर ने सवाल सुन कर फोन काट दिया। अन्य डॉक्टर भी मामले में चुप्पी साधे हैं। इन सब के साथ एम्स प्रवक्ता ने भी मोबाइल फोन स्विच आॅफ कर दिया है। सवाल एसएमएस किया तो जवाब नहीं दिया।

लाइव सर्जरी में जान गंवाने वाले शोभा राम के बेटे योगेश ने बताया कि डॉक्टरों की लापरवाही से उसके पिता की मौत हो गई। शोभा राम के लीवर में गांठ थी। जिसके इलाज के लिए उन्हें जीबी पंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां से उन्हें एम्स भेज दिया गया। योगेश के मुताबिक, 13 जुलाई को एम्स में भर्ती कर फिर से उनके पिता की सारी जांच कराई गई। 31 जुलाई को सुबह साढ़े सात बजे ऑपरेशन के लिए ले जाया गया।

कहा गया कि जापान से आए बड़े डॉक्टर ऑपरेशन करेंगे। योगेश का दावा है कि करीब शाम चार बजे ही उनके पिता की मौत हो गई थी। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें अंधेरे में रखा। करीब सात बजे उन्हें बताया गया कि शोभा राम की हालत गंभीर है। किसी ने कहा नस कट गई, किसी ने कहा कि अटैक पड़ा। उन लोगों को रात 11 बजे शोभा राम के मौत की जानकारी दी गई। दिल्ली के करतार नगर निवासी शोभा राम गांधी नगर में कपड़े की दुकान पर नौकरी कर परिवार का गुजारा करते थे।

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