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दिल्ली: सरकारी स्कूलों में मोहल्ला क्लिनिक खोले जाने के विरोध में अभिभावक, बच्चों की सुरक्षा का सवाल उठाया

उच्च न्यायालय ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि स्कूल परिसरों में डिस्पेंसरी खोले जाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

Author नई दिल्ली | Published on: July 31, 2016 2:48 PM
अगर स्कूल परिसर के अंदर इस तरह का क्लिनिक आम लोगों के लिए खुलने जा रहा है तो कानूनन इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती है।

राष्ट्रीय राजधानी में 300 से अधिक सरकारी स्कूलों में मोहल्ला क्लिनिक खोले जाने के आप सरकार के प्रस्ताव का विरोध करते हुए राजधानी के अभिभावकों ने इस फैसले पर पुनर्विचार के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से संपर्क किया है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में अखिल भारतीय अभिभावक संघ ने कहा, ‘‘आखिर स्कूल में पढ़ाई के दौरान आप बाहरी लोगों को वहां जाने की इजाजत कैसे दे सकते हैं, अगर यह क्लिनिक विशेष तौर पर स्कूली छात्रों के लिए है तो इसका स्वागत है। लेकिन, अगर स्कूल परिसर के अंदर इस तरह का क्लिनिक आम लोगों के लिए खुलने जा रहा है तो कानूनन इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती है।’’

आप सरकार ने हाल में घोषणा की थी कि वह कम से कम 300 सरकारी स्कूलों में मोहल्ला क्लिनिक खोलने पर विचार कर रही है, जिन्हें आम जनता के लिए खोला जाएगा। पत्र में लिखा है, ‘‘इस पर हमें गंभीर आपत्ति है। अगर ऐसा किया जाता है तो यह ना केवल छात्रों के हितों के खिलाफ होगा बल्कि यह उच्च न्यायालय के उस आदेश का उल्लंघन भी करता है, जिससे कि आपके खिलाफ मानहानि की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।’’ वर्ष 2002 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने बवाना इलाका स्थित एक एमसीडी स्कूल को उसके परिसर से डिस्पेंसरी हटाने का निर्देश दिया था, क्योंकि इसके कारण स्कूल में बाहरी लोग प्रवेश कर रहे थे और इससे स्कूली छात्रों को भी दिक्कत आ रही थी।

एआईपीए ने कहा, ‘‘इसके अलावा, डिस्पेंसरी के कर्मी अक्सर सुई सहित चिकित्सकीय कचरे को खेल के मैदान में फेंक देते हैं, जिसे स्कूली बच्चे खेलने के दौरान उठा लेते हैं, जो कि जानलेवा साबित हो सकता है। उच्च न्यायालय ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि स्कूल परिसरों में डिस्पेंसरी खोले जाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।’’

सरकारी अस्पतालों में भीड़ कम करने और स्वास्थ्य सुविधाओं को सभी की पहुंच में लाने की मुहिम के तहत दिल्ली सरकार ने ‘‘त्रिस्तरीय सार्वजनिक स्वास्थ्य का रोडमैप’’ अंगीकृत किया है। मोहल्ला क्लीनिक स्वास्थ्य प्रणाली के तहत लोगों के संपर्क साधने का पहला स्तर है जो अगले स्तर यानी कि लोगों को उनकी स्वास्थ्य जरूरत के मुताबिक पॉलिक्लीनिक में संबंधित विशेषज्ञ के पास भेजता है और पॉलिक्लीनिक फिर उन मरीजों को मल्टी-स्पेशलिटी अस्पतालों में भेजता है जिन्हें सर्जरी या चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत होती है।

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