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जून से सितंबर तक देश भर में होगी सामान्य बारिश

भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) ने इस साल उत्तर पश्चिम मानसून के देश में सामान्य रहने और उत्तर पश्चिमी व मध्य भारत के इलाकों में सौ फीसद सक्रिय रहने का अनुमान जताया है।

Author नई दिल्ली, 30 मई। | May 31, 2018 6:36 AM
जल्द ही मानसून उत्तर भारत में पहुंच जाएगा।

भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) ने इस साल उत्तर पश्चिम मानसून के देश में सामान्य रहने और उत्तर पश्चिमी व मध्य भारत के इलाकों में सौ फीसद सक्रिय रहने का अनुमान जताया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर पश्चिम भारत में सौ फीसद सक्रियता का असर दिल्ली-एनसीआर में भी देखने को मिलेगा और इस बार पिछले साल की अपेक्षा इन इलाकों में अच्छी बारिश की संभावना बन रही है। साथ ही दिल्ली-एनसीआर में मानसून पूर्व गतिविधियां भी जून में काफी सक्रिय रहेंगी जिससे तापमान पर लगाम लगा रहेगा। आइएमडी द्वारा दक्षिण पश्चिमी मानसून की सक्रियता के आधार पर बुधवार को जारी बारिश के दूसरे चरण के दीर्घकालिक औसत पूर्वानुमान के मुताबिक इस साल जून से सितंबर तक पूरे देश में बारिश का स्तर सामान्य अनुमानित स्तर का 97 फीसद (4 फीसद ऊपर-नीचे त्रुटि के साथ) तक रहेगा। गौरतलब है कि मौसम विभाग ने पिछले 16 अप्रैल को मानसून के पहले चरण में जून से सितंबर के लिए बारिश का दीर्घकालिक औसत पूर्वानुमान जारी किया था।

इस चरण में बारिश की मात्रा औसत अनुमान से 96 फीसद से 104 फीसद के बीच रहने की संभावना जताई गई थी। विभाग के मानकों के मुताबिक देश में बारिश का सामान्य औसत स्तर 89 सेमी है। यह स्तर वर्ष 1951 से 2000 के बीच हुई बारिश की औसत मात्रा के मुताबिक नियत किया गया है। दूसरे चरण में जून से अगस्त की अवधि के लिए जारी दीर्घकालिक औसत पूर्वानुमान के तहत मौसम के लिहाज से देश के चार भौगोलिक क्षेत्रों में उत्तर पश्चिमी और मध्य भारत क्षेत्र में औसत बारिश का अनुमानित स्तर क्रमश: 100 और 99 फीसद रहने की संभावना है। जबकि दक्षिणी प्रायद्वीप क्षेत्र में इसका स्तर 95 फीसद और सबसे कम पूर्वोत्तर क्षेत्र में 93 फीसद रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

जुलाई महीने में बारिश के 101 फीसद रहने की संभावना है जबकि अगस्त में 94 फीसद बारिश होगी। दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावनाओं पर पूछे जाने पर भारतीय मौसम विभाग में अतिरिक्त महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि विशिष्ट पूर्वानुमान बता पाना अभी संभव नहीं है। हालांकि, निजी मौसम एजंसी स्काइमेट के वरिष्ठ वैज्ञानिक महेश पलावत ने कहा कि अभी तक मौसम संबंधी मॉडल्स के आधार पर ऐसा लग रहा है कि इस बार पिछले साल की अपेक्षा दिल्ली-एनसीआर में मानसून के दौरान अच्छी बारिश होगी। उसके पहले जून में मानसून गतिविधियां भी काफी सक्रिय रहेंगी जिससे गर्मी में दोबारा तेजी नहीं आएगी। महेश पलावत ने कहा कि 5-6 जून से दिल्ली में मानसून पूर्व बारिश शुरू हो जाएगी और अभी-अभी गुजर चुके भीषण गर्मी के दौर के वापसी की संभावना नहीं है।

इसके साथ ही महेश पलावत ने कहा दिल्ली में मॉनसून के आगमन की सामान्य तारीख 28 जून है, लेकिन इस बार हो सकता है मानसून राजधानी पर भी मेहरबान रहे और 26-27 तक दस्तक दे दे। उधर, 29 मई को समय से तीन दिन पहले केरल में आगमन के बाद मानसून देश में और अंदर की तरफ बढ़ चुका है। यह केरल के सभी हिस्सों, तटीय कर्नाटक के कई हिस्सों, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों और आंतरिक तमिलनाडु के कुछ और हिस्सों में पहुंच चुका है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अगले 2-3 दिन दिन मानसून की चाल थोड़ी मंद रहेगी, लेकिन 3 जून से तेजी से आगे बढ़ेगा। दिल्ली में भी 5-6 जून से मानसून पूर्व गतिविधियां तेज होंगी।

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