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बुराड़ी में 11 मौतों का रहस्य बरकरार, सामूहिक आत्महत्या पर ही अटकी है जांच की सुई

बुराड़ी के संत नगर में एक ही घर के 11 लोगों के मरने की घटना पुलिस के लिए पहेली बन गई है। आत्महत्या और हत्या के बीच फंसे इस मामले में पुलिस तीन दिन के बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।

Author नई दिल्ली | July 4, 2018 5:39 AM
इस मामले में पोस्टमॉर्टम की प्राथमिक रिपोर्ट में कुछ खास न मिलने के बाद डॉक्टर से परामर्श के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि यह एक सामुहिक आत्महत्या है।

बुराड़ी के संत नगर में एक ही घर के 11 लोगों के मरने की घटना पुलिस के लिए पहेली बन गई है। आत्महत्या और हत्या के बीच फंसे इस मामले में पुलिस तीन दिन के बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। घर से मिले रजिस्टर और 11 पाइपों के रहस्यमय चीजों को परिवार के बाकि बचे बेटे और बेटी ने जिस तरह से नकार दिया है उससे मामला सुलझने की बजाए उलझता जा रहा है। पुलिस परिवार के सदस्यों के फोन की जानकारी के बाद एक व्यक्ति की तलाश कर रही है। वह धार्मिक व्यक्ति है या कोई और इसका खुलासा नहीं किया गया है। पुलिस रटे रटाए शब्दों में यही कह रही है कि शुरुआती जांच में यह घटना सामूहिक खुदकुशी प्रतीत हुई है।

इस मामले में पोस्टमॉर्टम की प्राथमिक रिपोर्ट में कुछ खास न मिलने के बाद डॉक्टर से परामर्श के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि यह एक सामुहिक आत्महत्या है। इसे अंग्रेजी में कल्ट सुसाइड या मास सुसाइड भी कहा जाता है। डॉक्टरों का मानना है कि कल्ट सुसाइड किसी धर्म या संप्रदाय से जुड़ा होता है। डॉक्टरों का कहना है कि ललित किसी सिंड्रोम का भी शिकार हो सकता है जिसकी वजह से ऐसी योजना बनाई गई जिसका अंजाम 11 मौतों के रूप में सामने आया। जब कोई व्यक्ति हद से ज्यादा किसी की भक्ति में लीन हो जाता है या अंधविश्वास में यकीन करने लगता है तो उसके बाद अकसर कल्ट सुसाइड ही करता है। हालांकि हमारे देश में सामूहिक आत्महत्या के उदाहरण न के बराबर हैं। इस बारे में सोसायटी फॉर क्लिनिकल रिसर्च आॅफ इंडिया के संयोजक डॉ विकास धिकव कहते हैं कि कल्ट सुसाइड इंसान तभी करता है जब वह किसी चीज से हद से ज्यादा प्रेरित (मोटिवेट) होता है। एक तरह से इसे मोटिवेटेड सुसाइड भी कहा जाता है। यह हमेशा समूह में ही होता है। कल्ट सुसाइड (सामूहिक खुदकुशी) कभी कोई व्यक्ति अकेले नहीं करता हमेशा एक समूह होता है जो मिलकर खुदकुशी को अपनाते हैं। बहरहाल, दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचकर सिर्फ यही कह रही है कि यह मामला पूरी तरह से अनसुलझा है और शुरुआती तौर पर इसे खुदकुशी ही माना जा रहा है।

इतिहास में दर्ज हैं सामूहिक आत्महत्या

डॉ धिकव कहते हैं कि इतिहास में सामूहिक आत्महत्या की घटनाएं दर्ज हैं। हमारे देश में पहले मामले की आशंका जताई जा रही हो, लेकिन इससे पहले गुयाना के शहर जोन्सटाउन में भी कल्ट सुसाइड हो चुका है। इसमें एक साथ 700 से अधिक लोगों ने जहर पीकर अपनी जान दे दी थी। वह लोग एक धर्मगुरू से प्रेरित थे। उसके उकसाने पर उन्होंने कल्ट सुसाइड किया था। कल्ट सुसाइड में इंसान को अहसास कराया जाता है कि जीवन नहीं बल्कि मृत्यु ही उसका सबकुछ है।

सिंड्रोम से भी होते हैं अत्यधिक धार्मिक

डॉ़ धिकव कहते हैं कि जिस तरह से यह कहा जा रहा है कि ललित अकसर कहता था कि उसे अपने पिता की आत्मा दिखाई देती है या उसका अहसास होता है और वही सबसे ज्यादा धार्मिक प्रवृति का था। इसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि ललित को कनवर्शन डिसऑर्डर या पजेशन सिंड्रोम हो सकता है। यह सिंड्रोम अकसर उन्हीं लोगों को होता है जो अत्यधिक धार्मिक प्रवृति के होते हैं। उनका कहना है कि हिपोकैंपस इंसान की याददाश्त, उसके निर्णय लेने की क्षमता, दिशा दिखाने जैसी चीजों में अहम जिम्मेदारी निभाता है। लेकिन जब इंसान अंधविश्वास में पड़ जाता है तो ईश्वर को खुश करने के लिए स्वयं को कष्ट देने की कोशिश करता है। उस स्थिति में हिपोकैंपस सिकुड़ने लगता है। वह किसी भी चीज का फैसला लेने की क्षमता खोने लगता है। वह खुद को दिए जा रहे कष्टों का परिणाम नहीं सोचता, बस ईश्वर को खुश करने की कोशिश में लगा रहता है

मानसरोवर पार्क में भी मरे थे एक ही परिवार के चार लोग

बीते साल अक्तूबर में जमुनापार के मानसरोवर पार्क में चार महिलाओं और उसके गार्ड सहित पांच लोगों की हत्या हुई थी। शाहदरा जिले से अपराध शाखा को सौंपी गई इस जांच में महीने भर बाद यह खुलासा हुआ था कि हत्या किसी और ने नहीं बल्कि गार्ड की पत्नी और दामाद ने पैसे से लालच में लूटपाट के इरादे से रची थी। इलाके में 82 साल की महिला सहित उनकी तीन बेटियां और गवाह के तौर पर बचे एक मात्र गार्ड की भी गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में भी चारों महिलाएं एक ही परिवार की हैं। इनमें मां और तीन बेटियां हैं। ये जिंदल ऑयल परिवार से ताल्लुकात रखती थी। शुरू में कई तरह के अंदेशे लगाए जा रहे थे और आशंका यह भी जताई जा रही थी कि ऑयल मिल को बेचने को लेकर ये हत्याएं की गई हैं। जब खुलासा हुआ तो गार्ड राकेश के बेटे अनुज व दामाद विकास ने साथियों के साथ मिलकर पूरी योजना से पैसे के लालच में लूटपाट के इरादे से चारों महिलाओं और सबूत के तौर पर अपने पिता को भी मौत के घाट सुला दिया था। अपराध शाखा ने आठ लोगों को गिरफ्तार कर खुलासे का दावा किया था।

सवाल जो लगातार जहन में हैं…

इस मामले में यह प्रश्न उठ रहा है कि जब परिवार वालों को सामूहिक आत्महत्या ही करनी थी तो फिर बेटी की सगाई और शादी की तैयारी इतनी जोर शोर से क्यों की जा रही थी? तीन मंजिले इस फ्लैट में लकड़ी और रंग रोगन का काम जोर शोर से चल रहा था और इससे यह कदापि नहीं आभास होता है कि यह परिवार इतनी गहरे अध्यात्म में समाए हुए थे कि एक साथ सभी लोग खुदकुशी कर लें।

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