ताज़ा खबर
 

दिल्ली: औरंगजेब रोड का नाम अब होगा एपीजे अब्दुल कलाम रोड

हाल में उठी मांग के बाद लुटियन की दिल्ली की शानदार राह औरंगजेब रोड अब एपीजे अब्दुल कलाम रोड के नाम से जानी जाएगी। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएसमी) ने शुक्रवार को इस नाम-बदलाव को अपनी मंजूरी दे दी..

Author नई दिल्ली | August 29, 2015 8:27 AM
औरंगजेब रोड अब एपीजे अब्दुल कलाम रोड के नाम से जानी जाएगी। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएसमी) ने शुक्रवार को इस नाम-बदलाव को अपनी मंजूरी दे दी।

हिंदोस्तान के ‘बदनाम’ मुगल बादशाह अबुल मुजफ्फर मुहिउद्दीन मुहम्मद औरंगजेब के नाम पर बने मार्ग का नाम बदल जाएगा। हाल में उठी मांग के बाद लुटियन की दिल्ली की शानदार राह औरंगजेब रोड अब एपीजे अब्दुल कलाम रोड के नाम से जानी जाएगी। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएसमी) ने शुक्रवार को इस नाम-बदलाव को अपनी मंजूरी दे दी।

एनडीएमसी के उपाध्यक्ष करण सिंह तंवर ने कहा कि समाज के कुछ वर्गों ने पूर्व राष्ट्रपति के प्रति श्रद्धांजलि के तौर पर इस रोड का नाम बदलने का अनुरोध किया था। यह मामला शुक्रवार को परिषद के सामने रखा गया, जिसने सर्वसम्मति से इस पर अपनी सहमति दे दी। उन्होंने बताया कि एनडीएमसी अंतिम प्राधिकार है और फिर से नामकरण के लिए और किसी सांविधिक मंजूरी की जरूरत नहीं है। परिषद के सदस्य और बैठक में मौजूद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया- बधाई! एनडीएमसी ने औरंगजेब रोड का नाम बदलकर एपीजे अब्दुल कलाम रोड रखने का अभी फैसला किया है।

पिछले महीने पूर्व राष्ट्रपति के निधन के बाद समाज के कई वर्गो ने ‘मिसाइल मैन’ के प्रति प्रेम और श्रद्धांजलि के तौर पर एक रोड उनके नाम पर रखने की मांग की थी। भाजपा सांसद महेश गिरि ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इतिहास की गलतियों को सुधारने के लिए औरंगजेब रोड का नाम बदलकर कलाम के नाम पर रखने पर विचार करने का अनुरोध किया था। गिरि ने कहा था कि यह कलाम के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। गिरि ने कहा कि उन्हें यह बताते हुए खुशी है कि एनडीएमसी ने औरंगजेब रोड का नाम बदलकर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम रोड रखने का फैसला किया। इस अभियान में समर्थन के लिए सभी को धन्यवाद। औरंगजेब रोड इंडिया गेट के समीप ताज मानसिंह होटल से लेकर सफदरजंग रोड तक है और इसे राजधानी के सबसे धनी इलाकों में शुमार किया जाता है।

देश के इतिहास में औरंगजेब कट्टर सुन्नी मुसलमान और हिंदू रियाया पर ‘अत्याचार’ के लिए जाना जाता रहा है। हालांकि इतिहासकारों में इसे लेकर मतभेद है। उसका शासन-काल 31 जुलाई, 1658 से तीन मार्च 1707 तक रहा। हिंदुओं पर जजिया और प्रमुख मंदिरों के विध्वंस के आरोपों ने उसे तारीख के बेरहम और कठमुल्ले बादशाह के रूप में प्रचारित किया। सिख गुरुओं के प्रति उसके क्रूर बरताव के कारण भी उसे खलनायक माना जाता रहा है। कई संगठन इस मार्ग का नाम बदलने की मांग करते रहे हैं, पर एक तबका ऐसा भी है जो इसे इतिहास की हकीकत बदलने का कदम मानता है। इससे पहले इस मार्ग का नाम गुरु तेग बहादुर रोड करने की मांग उठी थी

इस बीच एपीजे अब्दुल कलाम के परिजनों ने सरकार से आग्रह किया कि वह राजाजी मार्ग पर पूर्व राष्ट्रपति की याद में ज्ञान-खोज का राष्ट्रीय केंद्र स्थापित करे। पिछले महीने अपने निधन के पूर्व तक कलाम यहीं रह रहे थे। कलाम के पोतों शेख दाऊद और एपीजेएम शेख सलीम ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर पूर्व राष्ट्रपति के बडेÞ भाई एपीजेएम मरयकयार का प्रधानमंत्री के नाम लिखा पत्र सौंपा।

पत्र में प्रधानमंत्री से आग्रह किया गया है कि राष्ट्रपति भवन से विदाई के बाद कलाम के निवास 10, राजाजी मार्ग पर ‘कलाम नेशनल सेंटर फॉर नॉलेज डिस्कवरी’ केंद्र स्थापित किया जाए। इसमें कहा गया कि सरकार नई दिल्ली में अपनी पसंद की कोई अन्य जगह भी देख सकती है, जहां प्रस्तावित केंद्र बने।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App